फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchayat and Municipal Council will sent notice to people who occupying Shamlat land in Punjab

Punjab: शामलात जमीन से निर्माण न हटाया तो भवन भी हो जाएंगे पंचायत की संपत्ति, कब्जाधारकों को नोटिस जल्द

Thu, 03 Nov 2022 12:54 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 03 Nov 2022 12:54 AM IST
सार

राज्य सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि वह तुरंत प्रभाव से अपने क्षेत्र में शामलात और जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों का इंतकाल संबंधित ग्राम पंचायतों के नाम दर्ज कराएं।

विज्ञापन
Panchayat and Municipal Council will sent notice to people who occupying Shamlat land in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब सरकार द्वारा जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों को शामलात जमीन के रूप में पंचायतों की संपत्ति बना दिए जाने के साथ ही उन पर बने भवन, बड़ी इमारतें, आवास, फार्म हाउस, व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी पंचायत की संपत्ति का हिस्सा हो जाएंगे। पंचायतों और नगर काउंसिल नाम दर्ज होने के बाद इन जमीनों के कब्जाधारकों को उनके भवनों आदि का मलबा हटाने के नोटिस जारी करेंगी। अगर कब्जाधारकों ने जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा तो यह सारे निर्माण स्वत: ही पंचायत की संपत्ति हो जाएंगे।

विज्ञापन


राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहना है कि पंचायत की मिलकियत वाली जमीनों का कब्जे छुड़ाकर पंचायतों को सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पंचायती जमीन से कब्जे छुड़ाने के लिए अब विशेष एक्ट बना दिया है और राज्य सरकार अब तक ऐसी जमीनों से कब्जे हटाने में सफल रही है। पंचायती जमीनों पर लोगों द्वारा खड़ी की गई इमारतों को कानून के अनुसार संबंधित पंचायतों के कब्जे में दिया जाएगा। पंचायतें और नगर काउंसिल ऐसे निर्माण वाले मालिकों को नोटिस जारी करेंगे। अगर उन्होंने कब्जे नहीं हटाए तो इन इमारतों का स्वामित्व पंचायतों को दे दिया जाएगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश पर अमल करते हुए विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पंजाब विलेज कॉमन लैंड (रेगुलेशन) संशोधन बिल-2022 को सर्वसम्मति से पास कर दिया था। अब राज्य सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि वह तुरंत प्रभाव से अपने क्षेत्र में शामलात और जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों का इंतकाल संबंधित ग्राम पंचायतों के नाम दर्ज कराएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पत्र में खासतौर पर उन शामलात और जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें गैरकानूनी तरीके से हिस्सेदारी में बांटकर उनकी मिलकियत बदल दी गई है या चकबंदी विभाग द्वारा हेराफेरी से जमीनों के मालिक बदलकर प्राइवेट लोगों को मालिक बना दिया गया। सरकार ने अपने आदेश में शामलात और जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों का इंतकाल ग्राम पंचायत के नाम लिखने के बाद इन जमीनों का कब्जा छुड़ाने की बात भी कही है। इस आदेश से पंजाब भर में ऐसे हजारों लोग प्रभावित होंगे जिन्होंने इस प्रकार की जमीन की मिलकियत अपने नाम करवा रखी है और इस सुप्रीम कोर्ट ने अवैध ठहरा दिया है।

चंडीगढ़ और बड़े शहर में रसूखदारों ने बना लिए फार्म हाउस
ग्राम विकास एवं पंचायत विभाग के अनुसार, इस मामले में दो साल पहले कराए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई थी कि प्रदेश के सभी बड़े शहरों और राजधानी चंडीगढ़ के आसपास पंजाब के गांवों की जमीनों पर आम लोगों के अलावा रसूखदारों ने भी आलीशान कोठियां और फार्म हाउस बना लिए हैं। इन सभी कब्जाधारियों पर अब अनिश्चितता की तलवार लटक गई है क्योंकि यह जमीनें उन्हे खाली करनी होंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed