फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pakistani hindus indian citizenship issue

पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारतीय नागरिकता मिलने में नया अड़ंगा

Mon, 22 Jun 2015 12:40 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 22 Jun 2015 12:40 PM IST
विज्ञापन
pakistani hindus indian citizenship issue

तीन दशक से हरियाणा में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू परिवारों की भारतीय नागरिकता की मांग पूरी हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। वजह यह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए जो नियम बनाए गए हैं, उन्हें पूरा कर पाना कठिन है।

विज्ञापन


पाक हिंदू परिवारों को मानवता के आधार पर नागरिकता प्रदान किए जाने के सिलसिले में हरियाणा सरकार के गृह मंत्रालय के वित्तायुक्त की ओर से भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र पर गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है।
विज्ञापन


जवाब में एक पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि उक्त सभी पाक हिंदुओं का भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन उस निर्धारित प्रपत्र में भेजा जाए, जो भारतीय नागरिकता नियम 2009 में निर्धारित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हरियाणा सरकार ने किया था नागरिकता के लिए आग्रह

pakistani hindus indian citizenship issue

हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, सभी डीएसपी और गुड़गांव, फरीदाबाद, अंबाला व पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर पुलिस को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेश) जीके द्विवेदी की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

हरियाणा ने पिछले साल नवंबर और दिसंबर माह में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर तीन दशक से रह रहे परिवारों को लंबी अवधि का वीजा या नागरिकता दिए जाने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया था।

गृह मंत्रालय ने इस साल एक अप्रैल को भेजे जवाब में कहा है कि 31 दिसंबर 2009 तक भारत में प्रवेश कर चुके पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदु और सिख नागरिकों के आवेदनों पर ही विचार किया जा सकता है।

ये हैं नागरिकता पाने के नियम

pakistani hindus indian citizenship issue

  • पात्र आवेदक को ही मिल सकती है भारतीय नागरिकता
  • आवेदक की ओर से जब डीएम/कलेक्टर/डीसी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाए तब आवेदक का लांग टर्म वीजा वैध होना चाहिए
  • अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे जो अभिभावकों के पासपोर्ट के आधार पर भारत में प्रविष्ट हुए हैं, वह भारत में ठहराव नियमित हो जाने पर बिना पासपोर्ट भी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • नियमित ठहराव के लिए उनका संबंधित जिले के एफआरओ से पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे जिनका जन्म भारत में हुआ है, वह अपना ठहराव नियमित हो जाने के बाद बिना पासपोर्ट नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं
  • आवेदक को अपना एक्सपायर्ड पासपोर्ट संबंधित कलेक्टर/डीएम/डीसी कार्यालय में अन्य दस्तावेजों के साथ जमा कराना होगा।

अवैध रूप से रह रहे लोगों की यह है समस्या
पाकिस्तान से आए हिंदू परिवार हरियाणा के विभिन्न जिलों में रह रहे हैं और इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी है। हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष इन परिवारों का डाटा जुटाकर इन्हें भारतीय नागरिकता दिलाने के प्रयास शुरू किए थे। इस समय प्रदेश में सिरसा, पानीपत, अंबाला, नारायणगढ़ और पंचकूला में कई पाकिस्तानी हिंदू परिवार रह रहे हैं।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश परिवार 1992 या उससे भी पहले भारत आए थे। इनका वीजा भी समाप्त हो चुका है और उधर पाकिस्तान से बाहर बिना अनुमति रहते हुए पांच साल बीत जाने के कारण इनका पाकिस्तानी पासपोर्ट भी निरस्त हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed