पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारतीय नागरिकता मिलने में नया अड़ंगा
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तीन दशक से हरियाणा में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू परिवारों की भारतीय नागरिकता की मांग पूरी हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। वजह यह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए जो नियम बनाए गए हैं, उन्हें पूरा कर पाना कठिन है।
पाक हिंदू परिवारों को मानवता के आधार पर नागरिकता प्रदान किए जाने के सिलसिले में हरियाणा सरकार के गृह मंत्रालय के वित्तायुक्त की ओर से भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र पर गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है।
जवाब में एक पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि उक्त सभी पाक हिंदुओं का भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन उस निर्धारित प्रपत्र में भेजा जाए, जो भारतीय नागरिकता नियम 2009 में निर्धारित किया गया है।
हरियाणा सरकार ने किया था नागरिकता के लिए आग्रह
हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, सभी डीएसपी और गुड़गांव, फरीदाबाद, अंबाला व पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर पुलिस को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेश) जीके द्विवेदी की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा ने पिछले साल नवंबर और दिसंबर माह में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर तीन दशक से रह रहे परिवारों को लंबी अवधि का वीजा या नागरिकता दिए जाने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया था।
गृह मंत्रालय ने इस साल एक अप्रैल को भेजे जवाब में कहा है कि 31 दिसंबर 2009 तक भारत में प्रवेश कर चुके पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदु और सिख नागरिकों के आवेदनों पर ही विचार किया जा सकता है।
ये हैं नागरिकता पाने के नियम
- पात्र आवेदक को ही मिल सकती है भारतीय नागरिकता
- आवेदक की ओर से जब डीएम/कलेक्टर/डीसी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाए तब आवेदक का लांग टर्म वीजा वैध होना चाहिए
- अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे जो अभिभावकों के पासपोर्ट के आधार पर भारत में प्रविष्ट हुए हैं, वह भारत में ठहराव नियमित हो जाने पर बिना पासपोर्ट भी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- नियमित ठहराव के लिए उनका संबंधित जिले के एफआरओ से पंजीकृत होना आवश्यक है।
- अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे जिनका जन्म भारत में हुआ है, वह अपना ठहराव नियमित हो जाने के बाद बिना पासपोर्ट नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं
- आवेदक को अपना एक्सपायर्ड पासपोर्ट संबंधित कलेक्टर/डीएम/डीसी कार्यालय में अन्य दस्तावेजों के साथ जमा कराना होगा।
अवैध रूप से रह रहे लोगों की यह है समस्या
पाकिस्तान से आए हिंदू परिवार हरियाणा के विभिन्न जिलों में रह रहे हैं और इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच चुकी है। हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष इन परिवारों का डाटा जुटाकर इन्हें भारतीय नागरिकता दिलाने के प्रयास शुरू किए थे। इस समय प्रदेश में सिरसा, पानीपत, अंबाला, नारायणगढ़ और पंचकूला में कई पाकिस्तानी हिंदू परिवार रह रहे हैं।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश परिवार 1992 या उससे भी पहले भारत आए थे। इनका वीजा भी समाप्त हो चुका है और उधर पाकिस्तान से बाहर बिना अनुमति रहते हुए पांच साल बीत जाने के कारण इनका पाकिस्तानी पासपोर्ट भी निरस्त हो चुका है।