लाहौर स्थित सिख गैलरी व संग्रहालय का जीर्णोद्धार करेगा पाकिस्तान, जानिए ऐतिहासिक महत्व
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पाकिस्तान ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर लाहौर स्थित सिख गैलरी व म्यूजियम के जीर्णोद्धार का काम भी शुरू कर दिया है। लाहौर की ऐतिहासिक दीवार की रखरखाव करने वाली वाल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी (डब्लूसीएलए) ने दुनिया के एकमात्र सिख संग्रहालय में रखी विरासत को संभालने की जिम्मेदारी उठाई है।
यह दुनिया का एकमात्र संग्रहालय है जहां सिख समुदाय से संबंधित पुरातत्व विरासत अभी अपनी मूल स्थिति में है। पाकिस्तान सरकार लेहंदे पंजाब की राजधानी लाहौर व उसके आसपास स्थित ऐतिहासिक शहरों में सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने के लिए उपाय कर रही है। 200 साल पहले पंजाब में सिख शासकों के शासनकाल का सूर्य अस्त होने के बावजूद इस संग्रहालय में 19वीं सदी के सिख सम्राट शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की कई प्राचीन वस्तुओं को संरक्षित रखा हुआ है।
लाहौर स्थित सिख गैलरी और संग्रहालय में रखी गई कलाकृतियों में महाराजा रणजीत सिंह के पसंदीदा घोड़े के आकार की वस्तु, युद्ध के हथियार और महाराजा के बेटों की दुर्लभ पेंटिंग शामिल हैं। समय के साथ, इन कलाकृतियों की हालत बदतर हो गई है जबकि संग्रहालय और गैलरी की हालत भी खराब हो गई।
कई साल पहले इस गैलरी में एयर कंडीशनर लगाए गए थे, जिनकी हालत खराब हो चुकी है। संग्रहालय में रखी विरासत को संरक्षित रखने के लिए उनके ऊपर लगाए गए शीशे भी खराब हो चुके है। गैलरी में संरक्षित सभी वस्तुओं को महाराजा रणजीत सिंह की पोती राजकुमारी बंबा द्वारा मृत्यु से पहले लाहौर के इस संग्रहालय को भेज दिया गया था।
जानकारी के अनुसार डब्लूसीएलए अब संग्रहालय और गैलरी को नया रूप देने के लिए अध्ययन कर रहा है। संग्रहालय में उपयोग किए जाने वाले पर्दों को बदल दिया जाएगा। खिड़कियों के ग्लास को बदल दिया जाएगा। इसी तरह, एक आधुनिक प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जाएगी, एयर कंडीशनर की मरम्मत की जाएगी। ऐतिहासिक वस्तुओं के संग्रहालय लेबल को बदल दिया जाएगा।
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के अध्यक्ष भाई सतवंत सिंह सरकार के इस प्रयासों से संतुष्ट है। सतवंत सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने सिख समुदाय के इतिहास से जुड़ी इस विरासत की स्थिति में सुधार करने का फैसला किया है। दुनिया भर के सिख अनुयायियों ने पाकिस्तानी सरकार के प्रदर्शन से अपनी संतुष्टि व्यक्त की है। ये फैसले सिख इतिहास को दर्शाते हैं और याद दिलाते हैं कि सिख शासकों ने पंजाब में अपनी उपस्थिति कैसे दर्ज की।
लाहौर की ऐतिहासिक दीवार को भी किया जा रहा है संरक्षित
करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के बाद गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को महाराजा रंजीत सिंह के शासन काल की जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों को दिखाने के लिए पाकिस्तान सरकार लाहौर की प्राचीन दीवार का भी जीर्णोद्धार कर रही है। इस ऐतिहासिक दीवार के साथ कई निर्माण हो चुके हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार इस दीवार के साथ बनी ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित कर रही है।