'मीडिया के कारण फहराए जा रहे कश्मीर में पाकिस्तानी झंडे'
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जम्मू-कश्मीर में बार-बार पाकिस्तानी झंडे फहराए जाने का ठीकरा जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर कविंदर गुप्ता ने मीडिया के सिर फोड़ा है।
उन्होंने कहा कि मीडिया के ही कुछ लोग खबर बनाने की खातिर इस तरह की हरकतें कराते हैं। जहां भी 10 लोग इकट्ठे दिखें, मीडिया के कुछ लोग जानबूझ कर उन्हें उकसाकर खुद कह कर पाकिस्तानी झंडे फहरवा देते हैं।
गुप्ता होशियारपुर सर्विसेज क्लब में पत्रकारों से रूबरू थे। भिंडरांवाले के होर्डिंग उतारने को लेकर हुए विवाद में सिख युवक की मौत के मामले पर उनका कहना था कि यह घटना उन्हीं के हलके में हुई है।
सिखों की ओर से पहले दो-तीन लोगों पर की गई ‘स्टैबिंग’ (चाकूबाजी या तलवार घोंपने) की प्रतिक्रिया के चलते यह घटना हुई। उस वक्त वह कश्मीर में थे और पता चलते ही उन्होंने वहां पहुंचकर मामले को संभाला।
पाक इलाकों से कश्मीर आए शरणार्थियों को मिलेंगे अधिकार
गुप्ता ने दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद जम्मू और लद्दाख को उनके हक मिलने का रास्ता खुला है, इससे पहले के हुकमरान इन दोनों इलाकों को अनदेखा कर घाटी का ही पोषण करते रहे।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार न बनाती तो 37 में से 25 सीटें जिताने वाले जम्मू क्षेत्र के साथ अन्याय होता। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सरकार 1947 के बंटवारे के दौरान पाकिस्तानी इलाकों से यहां कश्मीर आकर बसे शरणार्थियों को भी अधिकार देने पर विचार कर रही है।
ध्वस्त मंदिरों के पुनर्निर्माण संबंधी सवाल पर उनका कहना था कि न्यूनतम सांझा कार्यक्रम के तहत सभी विरासती स्थलों का पुनरोत्थान किया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के बारे में उनका कहना था कि इस बार यात्रा दो माह की होगी और यात्रियों की सुरक्षा हर प्रकार से यकीनी बनाई जाएगी।