10 साल बाद रिहा हुआ पाक नागरिक, पत्नी और बेटे भारत में छूटे, कहा- लड़ूंगा कानूनी लड़ाई
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रिश्ते में मामा की बेटी के साथ शादी करवाने के लिए 45 दिन के वीजा पर भारत आया पाकिस्तानी नागरिक इमरान कुरैशी वारसी बुधवार दोपहर पाकिस्तान लौट गया। वारसी जासूसी, नकली दस्तावेजों के साथ भारत की स्थायी नागरिकता पाने और षड्यंत्र रचने के आरोप में दस साल की सजा काट चुका है।
इमरान वारसी कलकत्ता में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। हालांकि अब उसकी पत्नी और बच्चे कहां है, इस बारे में उसको कोई जानकारी नहीं है। वारसी चार साल तक कलकत्ता में रहा। 2004 में भारत आया था। शादी करवाने के बाद उसके वीजा की मियाद खत्म हो गई थी।
2008 में वारसी जाली दस्तावेजों के साथ भोपाल आया। वहां उसने भारतीय पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की। पासपोर्ट दफ्तर ने जब उसके राशन कार्ड और पैन कार्ड की जांच की तो वे जाली पाए गए।
पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। 2008 में उसे दस साल की सजा और आठ हजार रुपये जुर्माना लगाया। मार्च में उसकी सजा पूरी हो गई थी। दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों द्वारा दस्तावेज में देरी के कारण वारसी नौ महीने तक भोपाल पुलिस के डिटेन सेंटर में रहा।
अटारी सीमा पर वारसी ने कहा कि भोपाल की पुलिस ने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया। उसने अपने बेटों और पत्नी के बारे में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि पाकिस्तान लौटने के बाद वह अपनी पत्नी और दो बच्चों को पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
वतन लौटना सुकून देने वाला है, लेकिन दुख है कि परिवार यहां छूट गया। मध्य प्रदेश पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच वारसी को अटारी सीमा पर लेकर आई। रिहाई के दस्तावेजों की जांच के बाद सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने वारसी को पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया।