चंडीगढ़ में कोरोना की मार: नहीं मिल रहे किराएदार, दुकानें बेचने के लिए भी तैयार दुकानदार
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने बताया कि पहले दुकानदार अपनी मर्जी से फ्रेंचाइजी के लिए कंपनी चुनता था। वहीं दुकानदार के ऊपर कोई दबाव नहीं होता था। अब कंपनी के सामने काफी विकल्प हैं। इसलिए उन्होंने व्यापारी को मिनिमम गारंटी (एक मुश्त राशि) देना बंद कर दिया है। अब व्यापारी अपना पैसा भी लगाता है और माल में मार्जन भी कम हो गया। ऊपर से माल बेचने का दबाव भी रहता है।
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कोरोना महामारी ने बड़े से लेकर छोटे कारोबारियों को प्रभावित किया है। मार्केटों में हालात यह हैं कि जो बूथ या शोरूम खाली हो गए वह दोबारा किराए पर नहीं चढ़ रहे हैं। कुछ बूथ और शोरूम मालिकों ने किराया आधा कर दिया, इसके बावजूद कोई लेने को तैयार नहीं है। वहीं आर्थिक रूप से परेशान दुकानदारों ने अपनी दुकानें बेचने के लिए भी कदम बढ़ा दिए हैं।
कोरोना काल में व्यापारियों को चारों ओर मार झेलनी पड़ रही है। कोरोना के कारण दुकानें बंद होती रहीं और खुलती रहीं। दुकानदार कर्मचारियों का वेतन से लेकर दुकान के रोजमर्रा के खर्चे भी किसी तरह से वहन करते रहे लेकिन मार्केट में ग्राहकों के न होने से मुनाफे के जगह लगातार घाटा होता गया। इधर, जिन लोगों ने दुकानें किराए पर लीं थीं, उन्होंने खाली कर दीं। इसमें नामी कंपनी के शोरूम भी शामिल हैं। पहले व्यापार ठप हुआ, फिर दुकानें खाली हो गईं। जिससे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सरकारी कागजों में वैल्यू ज्यादा, हकीकत में काफी कम
व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह ने बताया कि हाल में एक प्रतिनिधिमंडल डीसी मंदीप सिंह बराड़ से मिला था। उसमें बताया गया कि इस समय मार्केट वैल्यू गिरने से सेक्टर-17 के एक शोरूम की कीमत 18 से 19 करोड़ रुपये रह गई है। जबकि सरकारी दस्तावेजों में वह शोरूम 30 करोड़ रुपये है। इतना ज्यादा अंतर आने पर एस्टेट ऑफिस में रजिस्ट्री के दौरान मामला फंस जाता है। वहीं इनकम टैक्स विभाग को लगता है कि कर चोरी के लिए इस तरह की डील हुई है।
इन सेक्टरों में मार्केट वैल्यू को लेकर समस्या ज्यादा
सेक्टर 17, 9, 8, 26 में मार्केट वैल्यू की समस्या सबसे ज्यादा है। क्योंकि यहां के शोरूम काफी महंगे हैं। कोई व्यक्ति बेचना या किराए पर देना चाहे तो उसके लिए समस्याएं ज्यादा हैं। वहीं सेक्टर 14 पटेल मार्केट व 41 कृष्णा मार्केट में लोगों ने आपसी तालमेल से सभी दुकानों को पहले की तरह ही संचालित किया है।
एक नजर में मार्केट के हालात पर
- सेक्टर 17 प्लाजा-
- 470 शोरूम खाली
- 700 से 800 दुकानें
- एक हजार से ज्यादा केबिन
- 15 शोरूम खाली
- 01 दुकान मालिक जो अब किराए पर देना चाहते हैं
सेक्टर 22 शास्त्री मार्केट-
- 06 दुकानें खाली पड़ी हैं
- 03 दुकानें बेचनी हैं
- 320 कुल दुकानें
- दुकानों की कीमत- लगभग डेढ़ करोड़
सेक्टर- 17 सदर मार्केट-
- 06 दुकानें खाली पड़ी हैं
- 03 दुकान मालिक जो अब किराए पर देना चाहते हैं
- 01 दुकान बेचनी हैं
- 434 कुल दुकानें
- दुकानों की कीमत- लगभग 70 लाख से 3 करोड़
सेक्टर- 17 पालिका मार्केट-
- 01 दुकानें खाली पड़ी हैं
- 03 दुकान मालिक जो अब किराए पर देना चाहते हैं
- 03 दुकान बेचनी हैं
- 130 कुल दुकानें
- दुकानों की कीमत- लगभग 60 लाख से सवा करोड़