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जागो निगम जागो! पेड पार्किंग के बावजूद ओवरचार्जिंग, लुट रहे हैं लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:06 PM IST
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शहरवासियों को सुविधाएं मिलें इसके लिए नगर निगम ने शहर की सभी पेड पार्किंग के रिजर्व प्राइस आधे किए, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। पेड पार्किंग में जमकर वायलेशन हो रही है। सुखना लेक सहित कई प्रमुख पेड पार्किंग में ओवरचार्जिंग की जा रही है।
मेयर अरुण सूद ने भी पेड पार्किंग की व्यवस्था सुधारने पर विशेष फोकस करने का दावा किया था। लेकिन इसके बावजूद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। कार्रवाई के नाम पर कभी कभार सिर्फ चेकिंग करके चालान काट दिया जाता है।
अमर उजाला ने शनिवार और रविवार को शहर की कई पेड पार्किंग को चेक किया तो पाया कि कई पार्किंगाें में कर्मचारियों ने वरदी नहीं पहनी थी, ई टिकटिंग की मशीनों का प्रयोग नहीं हो रहा था। जबकि सुखना लेक पर वाहन पार्क करने वालों से ओवरचार्जिंग की जा रही है। यहां तक की पर्ची भी 10 रुपये की दी जा रही है जबकि शुल्क 5 रुपये है। शनिवार से पहली बार शुरू हुई सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट की पेड पार्किंग से भी ओवर चार्जिंग की शिकायतें आई हैं।
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नियमों के अनुसार पेड पार्किंग के अंदर वाहनों की सुरक्षा और सही तरीके से लगाने के लिए हर 50 मीटर पर कर्मी होने चाहिए, लेकिन ऐसा किसी भी पार्किंग में दिखाई नहीं दिया।
विजिलेंस की नजर में ठेकेदार दोषी नहीं
प्रशासन के आदेश पर पिछले साल से शहर की सभी पेड पार्किंग की अलाटमेंट प्रक्रिया से लेकर खामियों और ओवरचार्जिंग की जांच की जा रही है। अभी तक दो पेड पार्किंग की जांच में नगर निगम के छह अधिकारियों को दोषी बताते हुए विभागीय जांच की कार्रवाई की सिफारिश कर चुका है। लेकिन विजिलेंस ने कभी भी पेड पार्किंग के ठेकेदार को दोषी नहीं बताया है जबकि वायलेशन ठेकेदार और उनके कर्मचारियों द्वारा की जाती है।
सुखना लेक में बाद में लिया जाता है शुल्क
सुखना लेक की पेड पार्किंग में वाहन पार्क करने के समय सिर्फ पर्ची दी जाती है। शुल्क वापस आने के बाद लिया जाता है जबकि शहर की अन्य पेड पार्किंग में ऐसा नहीं है। फासवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने रविवार को शुल्क पूछा तो कारिदें ने कहा कि 10 रुपये। यहां तक की पर्ची भी मशीन द्वारा 10 रुपये प्रिंट की दी गई। पुरी का कहना है कि वह इसकी शिकायत सलाहकार से भी करेंगे।
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मेयर अरुण सूद ने भी पेड पार्किंग की व्यवस्था सुधारने पर विशेष फोकस करने का दावा किया था। लेकिन इसके बावजूद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। कार्रवाई के नाम पर कभी कभार सिर्फ चेकिंग करके चालान काट दिया जाता है।
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अमर उजाला ने शनिवार और रविवार को शहर की कई पेड पार्किंग को चेक किया तो पाया कि कई पार्किंगाें में कर्मचारियों ने वरदी नहीं पहनी थी, ई टिकटिंग की मशीनों का प्रयोग नहीं हो रहा था। जबकि सुखना लेक पर वाहन पार्क करने वालों से ओवरचार्जिंग की जा रही है। यहां तक की पर्ची भी 10 रुपये की दी जा रही है जबकि शुल्क 5 रुपये है। शनिवार से पहली बार शुरू हुई सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट की पेड पार्किंग से भी ओवर चार्जिंग की शिकायतें आई हैं।
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नियमों के अनुसार पेड पार्किंग के अंदर वाहनों की सुरक्षा और सही तरीके से लगाने के लिए हर 50 मीटर पर कर्मी होने चाहिए, लेकिन ऐसा किसी भी पार्किंग में दिखाई नहीं दिया।
विजिलेंस की नजर में ठेकेदार दोषी नहीं
प्रशासन के आदेश पर पिछले साल से शहर की सभी पेड पार्किंग की अलाटमेंट प्रक्रिया से लेकर खामियों और ओवरचार्जिंग की जांच की जा रही है। अभी तक दो पेड पार्किंग की जांच में नगर निगम के छह अधिकारियों को दोषी बताते हुए विभागीय जांच की कार्रवाई की सिफारिश कर चुका है। लेकिन विजिलेंस ने कभी भी पेड पार्किंग के ठेकेदार को दोषी नहीं बताया है जबकि वायलेशन ठेकेदार और उनके कर्मचारियों द्वारा की जाती है।
सुखना लेक में बाद में लिया जाता है शुल्क
सुखना लेक की पेड पार्किंग में वाहन पार्क करने के समय सिर्फ पर्ची दी जाती है। शुल्क वापस आने के बाद लिया जाता है जबकि शहर की अन्य पेड पार्किंग में ऐसा नहीं है। फासवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने रविवार को शुल्क पूछा तो कारिदें ने कहा कि 10 रुपये। यहां तक की पर्ची भी मशीन द्वारा 10 रुपये प्रिंट की दी गई। पुरी का कहना है कि वह इसकी शिकायत सलाहकार से भी करेंगे।
दूसरे राज्यों से आने वाले चालकों से 20 रुपये
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फासवेक के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि रविवार को अपनी कार के साथ सुखना लेक गए। यहां पर उनसे पहले 20 रुपये मांगे गए लेकिन जब उन्होंने कहा कि इतना ज्यादा रेट तो उसके बाद कर्मचारी ने 10 रुपये ही देने के लिए कहा। लेकिन बाद में पता चला कि यहां पर वाहन पार्क करने का शुल्क 5 रुपये ही है। उन्होंने देखा कि दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों से 20-20 रुपये चार्ज किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल हो रहा है।
उपभोक्ता अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है
वकील पकंज चांदगोठिया का कहना है कि अगर किसी से तय रेट से ज्यादा शुल्क पेड पार्किंग के लिए चार्ज किया जा रहा है तो चालक इसके खिलाफ उपभोक्ता अदालत में नगर निगम केखिलाफ अरजी दाखिल कर सकता है। उनका कहना है कि परची पर रेट हर हालत में प्रिंट होना चाहिए। अगर कोई ऐसा नहीं कर रहा है तो यह भी उपभोक्ता के साथ धोखा है।
मै खुद चेक करूंगा: चौधरी
ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि वह खुद शहर की पेड पार्किंगों को चेक करेंगे। उनका कहना है कि जिस किसी से भी ओवरचार्जिंग हो रही है वह इसकी शिकायत निगम में जरूर करें उनका कहना है कि दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के साथ संबंधित अधिकारी की भी जबावदेही तय की जाएगी। उनका कहना है कि पेड पार्किंग में सभी नियम एवं शर्ते होनी चाहिए यह सुनिश्चित की जाएगी।
सिर्फ यहां ही रेट है ज्यादा
शहर में सिर्फ एलांते माल के सामने की पेड पार्किंग का रेट दोपहिया वाहन का 5 और कार का 10 रुपये है। जबकि शहर की अन्य पेड पार्किंग में स्कूटर का 2 और कार का पार्किंग शुल्क 5 रुपये तय है। सेक्टर-17 की साहिब सिंह और एंपायर स्टोर के साथ साथ मल्टीलेवल पार्किंग में पहले 4 घंटे का रेट दो (स्कूटर)और 5 रुपये (कार)ही है इसके बाद के हर घंटे का रेट बढ़ता जाएगा।
उपभोक्ता अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है
वकील पकंज चांदगोठिया का कहना है कि अगर किसी से तय रेट से ज्यादा शुल्क पेड पार्किंग के लिए चार्ज किया जा रहा है तो चालक इसके खिलाफ उपभोक्ता अदालत में नगर निगम केखिलाफ अरजी दाखिल कर सकता है। उनका कहना है कि परची पर रेट हर हालत में प्रिंट होना चाहिए। अगर कोई ऐसा नहीं कर रहा है तो यह भी उपभोक्ता के साथ धोखा है।
मै खुद चेक करूंगा: चौधरी
ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि वह खुद शहर की पेड पार्किंगों को चेक करेंगे। उनका कहना है कि जिस किसी से भी ओवरचार्जिंग हो रही है वह इसकी शिकायत निगम में जरूर करें उनका कहना है कि दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के साथ संबंधित अधिकारी की भी जबावदेही तय की जाएगी। उनका कहना है कि पेड पार्किंग में सभी नियम एवं शर्ते होनी चाहिए यह सुनिश्चित की जाएगी।
सिर्फ यहां ही रेट है ज्यादा
शहर में सिर्फ एलांते माल के सामने की पेड पार्किंग का रेट दोपहिया वाहन का 5 और कार का 10 रुपये है। जबकि शहर की अन्य पेड पार्किंग में स्कूटर का 2 और कार का पार्किंग शुल्क 5 रुपये तय है। सेक्टर-17 की साहिब सिंह और एंपायर स्टोर के साथ साथ मल्टीलेवल पार्किंग में पहले 4 घंटे का रेट दो (स्कूटर)और 5 रुपये (कार)ही है इसके बाद के हर घंटे का रेट बढ़ता जाएगा।
नियम एवं शर्तें
डिजिटल पार्किंग
- फोटो : डेमो पिक
शिकायत बाक्स
शर्तों के अनुसार हर पेड पार्किंग में सील शिकायत बाक्स होना चाहिए, लेकिन हकीकत में किसी भी पार्किग में बाक्स नहीं लगाया गया है। इस बाक्स की सुरक्षा की जिम्मेवारी ठेकेदार की होती है।
पहले ही बंद हो जाती है पेड पार्किंग
शर्तों के अनुसार पेड पार्किंग के खुलने का समय सुबह 8 बजे से लेकर रात 12 बजे तक है। लेकिन हकीकत यह है कि शहर की कोई पार्किंग ऐसी नहीं है जो कि रात 12 बजे तक खुले। अगर कोई चालक शुल्क अदा करने के बावजूद अपना वाहन खड़ा करके चला जाता है तो कर्मचारी इससे पहले ही चले जाते है।
वर्दी में क्या क्या होना चाहिए
शर्तों के अनुसार हर कर्मचारी वर्दी में होना चाहिए लेकिन 70 प्रतिशत से ज्यादा पार्किंगों में ऐसा नहीं है। वर्दी में लाइट ब्राउन की शर्ट, ड्राक ब्राउन पेट, बेल्ट, काले जूते पहने होने चाहिए। इसके साथ ही सिख कर्मचारी के लिए खाकी पगड़ी पहनी होनी चाहिए।
शर्तों के अनुसार हर पेड पार्किंग में सील शिकायत बाक्स होना चाहिए, लेकिन हकीकत में किसी भी पार्किग में बाक्स नहीं लगाया गया है। इस बाक्स की सुरक्षा की जिम्मेवारी ठेकेदार की होती है।
पहले ही बंद हो जाती है पेड पार्किंग
शर्तों के अनुसार पेड पार्किंग के खुलने का समय सुबह 8 बजे से लेकर रात 12 बजे तक है। लेकिन हकीकत यह है कि शहर की कोई पार्किंग ऐसी नहीं है जो कि रात 12 बजे तक खुले। अगर कोई चालक शुल्क अदा करने के बावजूद अपना वाहन खड़ा करके चला जाता है तो कर्मचारी इससे पहले ही चले जाते है।
वर्दी में क्या क्या होना चाहिए
शर्तों के अनुसार हर कर्मचारी वर्दी में होना चाहिए लेकिन 70 प्रतिशत से ज्यादा पार्किंगों में ऐसा नहीं है। वर्दी में लाइट ब्राउन की शर्ट, ड्राक ब्राउन पेट, बेल्ट, काले जूते पहने होने चाहिए। इसके साथ ही सिख कर्मचारी के लिए खाकी पगड़ी पहनी होनी चाहिए।