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चंडीगढ़: बाहर के मरीजों को इलाज के लिए करना पड़ रहा इंतजार, पहले शहर के मरीजों को देखेंगे डॉक्टर

Tue, 27 Jul 2021 02:47 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 27 Jul 2021 02:47 PM IST
सार

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले शहर के मरीजों को देखने का निर्देश दिया है। पहले चंडीगढ़ के मरीजों का पंजीकरण कर इलाज किया जा रहा है। इसके बाद बचे समय में अन्य मरीज देखे जा रहे हैं। वहीं इस बात को लेकर आए दिन मरीजों और कर्मचारियों के बीच ओपीडी में कहासुनी हो रही है।

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Outsider patients have to wait for treatment in Hospital of Chandigarh
जीएमएसएच 16 में खड़े मरीज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर से चंडीगढ़ की जनता को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में पहले यहां के मरीजों को देखे जाने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं बाहर के मरीजों को ओपीडी खत्म होने के बाद समय बचने पर ही देखे जाने को कहा गया है। इसे लेकर आए दिन मरीजों व कर्मचारियों के बीच ओपीडी में कहासुनी हो रही है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि संक्रमण की दर पर मिली काबू को बरकरार रखने के लिए यह निर्देश दिया गया है, क्योंकि ओपीडी में अनियंत्रित भीड़ होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता है कि मानकों का पालन करते हुए अपने शहर की जनता को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाए। 

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मरीजों की सुरक्षा प्रमुख कारण
अस्पताल की ओपीडी में यह व्यवस्था कोरोना संक्रमण से बचाव के मानकों को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नॉन कोविड मरीजों को राहत देने के लिए ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में अगर चंडीगढ़ से ज्यादा बाहर के मरीज ओपीडी में आने लगे तो यहां की जनता संक्रमण की चपेट में आने के साथ ही इलाज से भी वंचित रह जाएगी। इसलिए पंजीकरण से परामर्श तक में शहर की जनता को प्राथमिकता दी जा रही है। 
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स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की स्थिति ज्यादा खराब
जीएमएसएच- 16 की ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हो रही है। स्थिति यह है कि उसकी ओपीडी में मरीजों के लिए कुर्सी कम पड़ रही है। कुर्सियों की संख्या बढ़वाने के बावजूद कोई लाभ नहीं हो रहा है। विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि ओपीडी में चंडीगढ़ से ज्यादा मोहाली, नयागांव, जीरकपुर, बलटाना और आसपास के अन्य क्षेत्रों की महिलाएं आ रही हैं जबकि पंजीकरण काउंटर पर ही उन्हें बता दिया जा रहा है कि उन्हें एक बार से ज्यादा परामर्श नहीं मिलेगा, बावजूद इसके प्रतिदिन 100 से 150 फॉलोअप केस आ रहे हैं।

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संक्रमण के खतरे को देखते हुए ओपीडी में भीड़ नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिया गया है कि शहर के मरीजों को ही देखा जाए। अगर कोई अन्य जगह का रेफर केस हो तो उसे वापस करने के बजाय तत्काल इलाज दिया जाए।  -डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक 

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