रोडवेज हड़ताल का असरः 99 फीसदी से अधिक शिक्षक रहे अवकाश पर, कुरुक्षेत्र में एंबुलेंस सेवा चरमराई
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रोडवेज यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में प्रदेश के सभी जिलों से विभिन्न विभागों के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। बिजली निगम, सफाईकर्मी, पब्लिक हेल्थ, शिक्षा विभाग, हुडा कर्मी, वन कर्मी सहित 12 से अधिक विभागों के कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लिया। सामूहिक अवकाश पर जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफसरों ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है।
पूरे प्रदेश में सामूहिक अवकाश करने में हिसार जिले के शिक्षक सबसे आगे रहे। सरकारी स्कूलों के पांच हजार शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लिया। सिर्फ 0.7 प्रतिशत शिक्षक स्कूलों में उपस्थित रहे। इस कारण विद्यार्थियों को स्कूलों से लौटना पड़ा। रेवाड़ी में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के साथ स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के पदाधिकारी अवकाश पर रहे।
नारनौल में 11वीं और 12वीं की कक्षाओं की अघोषित छुट्टी रही। भिवानी में बिजली विभाग, शिक्षा विभाग और आंगनबाड़ी में हड़ताल का व्यापक असर नजर आया, वहीं स्वास्थ्य विभाग में असर नहीं दिखा। कुरुक्षेत्र में 485 एनएचएम कर्मियों के अवकाश पर रहने पर एंबुलेंस सेवाएं बाधित रहीं। यमुनानगर में 12 विभागों के कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया।
अवकाश पर जाने के कारण सोनीपत में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। झज्जर में 99 होमगार्ड जवानों और 110 प्राइवेट चालकों के अलावा 24 रोडवेज चालक और परिचालकों के सहारे कुल 118 बसें चलाईं गईं। दूसरी ओर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बहादुरगढ़ डिपो में कुल 62 बसों में से 51 बसें चलाईं गईं। फतेहाबाद में 80 और अंबाला में 100 से अधिक बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया।
टिकट नहीं मिलने पर लोग पहुंचे रोडवेज जीएम के पास
यमुनानगर से जींद आई बस के यात्री टिकट नहीं मिलने की शिकायत लेकर रोडवेज जीएम के पास पहुंचे। यात्रियों ने बताया कि टिकट के नाम पर पैसे लिए गए हैं, लेकिन यात्रियों को टिकट नहीं दिया गया।
चालक भर्ती के लिए युवती ने काटा बवाल, मंत्री ने फोन पर दिया आश्वासन
जींद में चालक पद पर भर्ती के लिए पहुंची युवती ने बस स्टैंड के बाहर जमकर बवाल काटा। युवती सपना ने बताया कि उसके पास हैवी लाइसेंस है, लेकिन रोडवेज अधिकारी उसको टेस्ट देने तक का मौका नहीं दे रहे हैं। युवती ने बस स्टैंड का गेट बंद करने की कोशिश की। पंजाब रोडवेज की बस के आगे लेटने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों की सूचना पर परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने उसे फोन करके भर्ती का आश्वासन दिया। इसके बाद युवती चली गई।
11 दिनों बाद चंडीगढ़ के लिए चलीं बसें
रोडवेज प्रशासन शुक्रवार को करीब 66 बसों को चलवाने में सफल रहा। 11 दिन बाद चंडीगढ़ के लिए एक बस चली। वहीं अंबाला डिपो की दो बसें भी चंडीगढ़ के लिए रवाना हुईं। बस स्टैंड से करीब 210 बसों का संचालन किया गया।