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अब चंदन की खुशबू से महकेगा चंडीगढ़, बनवाई गई पहली वाटिका और रोपे जा चुके हैं 2500 पौधे
Tue, 10 Dec 2019 10:49 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 10:49 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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बस कुछ और इंतजार कीजिए...जल्द ही सिटी ब्यूटीफुल में चंदन की खुशबू महका करेगी। माई ट्री, हार्टीकल्चर, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ पूरे शहर में चंदन के पौधे रोपित किए जा रहे हैं। पिछले कुछ महीने में 2500 पौधेे शहर के बगीचों और घरों में लगाए जा चुके हैं। संस्था और जिम्मेदार डिपार्टमेंट इन पौधों की देखरेख भी कर रहे हैं। शहर को महकाने का यह सिलसिला माई ट्री के संस्थापक प्रेम गर्ग (सीए) ने शुरू किया।
उन्होंने हार्टीकल्चर और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की मदद से शहर के विभिन्न स्थानों पर चंदन के पौधे लगाना शुरू किया। वह 2500 पौधों को शहर के 1500 से अधिक घरों के अतिरिक्त रोज गार्डन, फ्रेगनेंसेस गार्डन, जैपनीज गार्डन, शिवालिक, हेबिसकश गार्डन, एनीमल गार्डन, टाउन पार्क पंचकूला सहित शहर के 10 बगीचों में रोपित कर चुके हैं। बगीचों में 21-21 पौधे लगाए गए हैं। पीजीआई में भी संस्था की ओर से 51 पौधों की एक चंदन वाटिका तैयार की गई है।
प्रशासक ने बनवाई चंदन की पहली वाटिका
शहर की सबसे पहली चंदन वाटिका बोटेनिकल गार्डन में बनाई गई। यूटी के प्रशासक बीपी सिंह बदनौर के कहने पर गार्डन में 200 चंदन के पौधों की पहली वाटिका तैयार की गई। प्रशासक ने स्वयं यहां चंदन के पौधे रोपकर इसका शुभारंभ किया।
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उन्होंने हार्टीकल्चर और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की मदद से शहर के विभिन्न स्थानों पर चंदन के पौधे लगाना शुरू किया। वह 2500 पौधों को शहर के 1500 से अधिक घरों के अतिरिक्त रोज गार्डन, फ्रेगनेंसेस गार्डन, जैपनीज गार्डन, शिवालिक, हेबिसकश गार्डन, एनीमल गार्डन, टाउन पार्क पंचकूला सहित शहर के 10 बगीचों में रोपित कर चुके हैं। बगीचों में 21-21 पौधे लगाए गए हैं। पीजीआई में भी संस्था की ओर से 51 पौधों की एक चंदन वाटिका तैयार की गई है।
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प्रशासक ने बनवाई चंदन की पहली वाटिका
शहर की सबसे पहली चंदन वाटिका बोटेनिकल गार्डन में बनाई गई। यूटी के प्रशासक बीपी सिंह बदनौर के कहने पर गार्डन में 200 चंदन के पौधों की पहली वाटिका तैयार की गई। प्रशासक ने स्वयं यहां चंदन के पौधे रोपकर इसका शुभारंभ किया।
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बंगलूरू से आ रहे हैं 10 हजार पौधे
शहर के चारों ओर चंदन के पौधों को लगाने के लिए माई ट्री द्वारा बंगलूरू से चंदन के 10 हजार पौधे मंगाए गए हैं। फरवरी में पौधों की यह खेप पहुंच सिटी ब्यूटीफुल पहुंच जाएगी। माई ट्री के संस्थापक सीएम प्रेम गर्ग ने बताया कि इन पौधों को शहर के घरों में रोपित किया जाएगा। घर के स्वामी को इनकी देखरेख की शपथ दिलाई जाएगी।
2 लाख रुपये लीटर है चंदन तेल का भाव
चंदन का तेल सबसे महंगा होता है। एक पेड़ की जड़ से करीब पौने तीन लीटर तक तेल निकाला जा सकता है। बाजार में इसका भाव 2 लाख रुपये लीटर तक है।
क्या हैं चंदन के पौधे के फायदे
- 3-4 साल में ही तैयार हो जाता है चंदन का पौधा
- 6 से 7 हजार रुपये किलो तक बिकती है लकड़ी
- एक पेड़ से 40 किलो तक लकड़ी मिल जाती है
- 5 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी हो जाता है तैयार
- 30 साल तक होती है चंदन के पेड़ की उम्र
2 लाख रुपये लीटर है चंदन तेल का भाव
चंदन का तेल सबसे महंगा होता है। एक पेड़ की जड़ से करीब पौने तीन लीटर तक तेल निकाला जा सकता है। बाजार में इसका भाव 2 लाख रुपये लीटर तक है।
क्या हैं चंदन के पौधे के फायदे
- 3-4 साल में ही तैयार हो जाता है चंदन का पौधा
- 6 से 7 हजार रुपये किलो तक बिकती है लकड़ी
- एक पेड़ से 40 किलो तक लकड़ी मिल जाती है
- 5 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी हो जाता है तैयार
- 30 साल तक होती है चंदन के पेड़ की उम्र