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Chandigarh News: पीक्यूएनके मॉडल से जैविक खेती करना आसान

Fri, 13 Sep 2024 03:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Sep 2024 03:48 AM IST
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Organic farming easier with PQNK model
चंडीगढ़। खेती के लिए किसानों को अब न रसायनों पर पैसा खर्च करने की जरूरत है और न पानी की खपत की समस्या। पैदार कुदरती निजामे काश्तकारी (पीक्यूएनके) मॉडल के जरिए किसानों का जैविक खेती करना आसान हो गया है। इसे अपनाकर देश के किसान लाभ कमा रहे हैं। इस तकनीक को पाकिस्तान के डॉ. आसिफ ने विकसित किया है। इनके लिए पीयू के प्रो. विनोद ने मशीनें डिजाइन की हैं। पीक्यूएनके एक जैविक खेती करने का तरीका है, जिसमें सब सॉयलर मशीन के जरिए जमीन को तीन फीट गहरा काटा जाता है ताकि मिट्टी की सख्त परत हट जाए और पानी अंदर तक रिस सके। इसके बाद ट्रैक्टर पर सीलर मशीन के जरिए बीच में क्यारियां तैयार की जाती हैं, जिस पर बिजाई की जा सके। पानी को पूरे खेत में डालने की जगह सिर्फ क्यारियों की दोनों तरफ डाला जाता है और अंत में मल्चिंग होती है। मॉडल की खासियत यह है कि एक बार क्यारियां तैयार करने पर वह जीवनभर काम आती हैं और इसमें ट्रैक्टर का कम प्रयोग रहता है। जमीन को एक बार गहरा काट देने से ग्राउंड वाटर रिचार्ज आसानी से होता है। नीचे के सारे न्यूट्रिएंट फसल को मिलते हैं।
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पीक्यूएनके मॉडल को पाकिस्तान के डॉ. आसिफ ने करीब 40 साल पहले विकसित किया है। नौ साल पहले प्रो. विनोद ने उनके साथ मिलकर इस पर काम करना शुरू किया। प्रो. विनोद ने पीक्यूएनके मॉडल को अपनाने के लिए सब सॉयलर, सीलर और मल्चिंग मशीन डिजाइन की। स्वयं इस मॉडल को अपनाने के साथ अन्य किसानों को इसकी ट्रेनिंग देना शुरू किया। अभी अबोहर, फाजिल्का, करनाल, फतेहाबाद, लुधियाना समेत राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से किसान प्रो. विनोद के साथ जुड़े हैं, जो जैविक खेती के लिए पीक्यूएनके मॉडल को अपना रहे हैं। प्रो. विनोद ने बताया नौ साल पहले खेती करने के लिए श्रेष्ठ तकनीक का पता करने पर उन्हें यह सबसे बेहतर लगी, जिसमें गुरु नानक की वाणी मिली है। गुरु नानक हवा, पानी और जमीन को माता-पिता के समान के कहते हैं। उनमें रासायन मिलाना उसमें जहर मिलाने जैसा है। हमारी हवा, पानी और धरती साफ होगी तो ही हम स्वस्थ रह पाएंगे। पीक्यूएनके मॉडल को लेकर प्रो. विनोद से भिन्न सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने निम्नलिखित जवाब दिया।
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