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हरियाणा: स्वास्थ्य मंत्री विज के आदेश लागू न करने पर विभाग सख्त, ठेका कर्मियों को ड्यूटी पर न लेने वाले सिविल सर्जन नपेंगे
Thu, 14 Oct 2021 03:13 AM IST
भूपेंद्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 14 Oct 2021 03:13 AM IST
सार
महानिदेशक ने कहा कि छंटनीग्रस्त कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री के आदेशानुसार बिना देरी किए ड्यूटी पर बुलाएं। लापरवाही बरतने पर सिविल सर्जन विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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Haryana Health Minister Anil Vij
- फोटो : File Photo
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विस्तार
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी से हटाए गए ठेका कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर न लेने वाले सिविल सर्जन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जून 2021 में जारी आदेश को लागू न करने पर विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं ने 11 जिलों के सिविल सर्जन को छंटनी का शिकार कर्मियों को ड्यूटी पर लेने के ताजा आदेश जारी किए हैं।
महानिदेशक ने पत्र में यमुनानगर, कैथल, रोहतक, जींद, झज्जर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सिरसा, पलवल, भिवानी व सोनीपत के सिविल सर्जन को कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के 10 जून, 2021 के आदेश पर तत्काल अमल करें। वर्ष 2020-21 या उससे पहले नौकरी से हटाए गए आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 के कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर बुलाया जाए। उन्हें ड्यूटी से हटाना गंभीर मामला है।मंत्री के आदेश के बावजूद कर्मचारियों को हटाने का सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।
यह भी पढ़ें: हरियाणा: गुरुग्राम में हेली हब बनाने के फैसले पर केंद्र की मुहर, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से बैठक के बाद किया खुलासा
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महानिदेशक ने कहा कि छंटनीग्रस्त कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री के आदेशानुसार बिना देरी किए ड्यूटी पर बुलाएं। 15 दिन के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट महानिदेशक कार्यालय को भेजी जाए। लापरवाही बरतने पर सिविल सर्जन विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि इस मुद्दे को लगातार उठाए हुए थे। सैकड़ों स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। इन्होंने कोरोना के दौरान अग्रणी योद्धा की भूमिका निभाई है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से इन कर्मियों को ड्यूटी पर लेने का आग्रह किया था।
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महानिदेशक ने पत्र में यमुनानगर, कैथल, रोहतक, जींद, झज्जर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सिरसा, पलवल, भिवानी व सोनीपत के सिविल सर्जन को कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के 10 जून, 2021 के आदेश पर तत्काल अमल करें। वर्ष 2020-21 या उससे पहले नौकरी से हटाए गए आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 के कर्मचारियों को तुरंत ड्यूटी पर बुलाया जाए। उन्हें ड्यूटी से हटाना गंभीर मामला है।मंत्री के आदेश के बावजूद कर्मचारियों को हटाने का सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है।
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महानिदेशक ने कहा कि छंटनीग्रस्त कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री के आदेशानुसार बिना देरी किए ड्यूटी पर बुलाएं। 15 दिन के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट महानिदेशक कार्यालय को भेजी जाए। लापरवाही बरतने पर सिविल सर्जन विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि इस मुद्दे को लगातार उठाए हुए थे। सैकड़ों स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। इन्होंने कोरोना के दौरान अग्रणी योद्धा की भूमिका निभाई है। इसलिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से इन कर्मियों को ड्यूटी पर लेने का आग्रह किया था।