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प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही लागू करेंगे ओपीएस : हुड्डा
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चंडीगढ़। विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने एलान किया कि प्रदेश में सरकार बनते ही सबसे पहले हिमाचल की तर्ज पर ओपीएस (पुरानी पेंशन स्कीम) को लागू करेंगे। दूसरा प्राॅपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) और मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को बंद किया जाएगा। इनके अलावा, भाजपा के दस साल में हुए घोटालों की एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा और इन घोटालों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हुड्डा वीरवार को यहां चंडीगढ़ में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में बोल रहे थे। भाजपा सरकार को पोर्टल सरकार बताते हुए हुड्डा ने कहा कि मैं पोर्टल के खिलाफ नहीं हूं लेकिन जो पोर्टल जनहित के खिलाफ हैं, उन सभी को बंद किया जाएगा। अगर भाजपा को ये पोर्टल इतने ही अच्छे लगते हैं तो विधानसभा चुनाव में वोट भी पोर्टल पर मांगने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कई बार पोर्टल को लेकर सवाल उठाए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब सरकार ने माना कि पोर्टल में त्रुटियां हैं और उन्हें ठीक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। वहीं, थैली लेकर सोनिया गांधी से मिलने के सीएम नायब सैनी के बयान को हुड्डा ने गैर जिम्मेदार करार दिया।
किसी से नहीं होगा गठबंधन, अकेले लड़ेगी कांग्रेस
इंडिया गठबंधन के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा में देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक वोट हासिल किए हैं। प्रदेश के सभी 90 विधानसभा हलकों में 2019 के मुकाबले वोट बैंक बढ़ा है। आम आदमी पार्टी (आप) के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर पूर्व सीएम ने कहा कि लोकसभा में इंडिया गठबंधन के तहत समझौता हुआ था। विधानसभा चुनावों के लिए समझौता नहीं हुआ। हरियाणा में कांग्रेस अपने आप में सक्षम है और सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा।
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सरेआम मांगी जा रही रंगदारी-फिरौती, कहां है कानून
पूर्व सीएम ने कहा कि 2005 में भी प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट थी। उस समय बदमाशों को स्पष्ट कहा गया था कि वे या तो बदमाशी छोड़ दें या फिर हरियाणा। दस वर्षों तक राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था रही। भाजपा के राज में हरियाणा देशभर में सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल हो गया है। हुड्डा ने कहा कि व्यापारियों से सरेआम रंगदारी और फिरौती मांगी जा रही हैं। हत्याएं हो रही हैं। कहां है कानून व्यवस्था।
मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं
कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर हुड्डा ने कहा कि हमारे यहां गुटबाजी नहीं है। नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद तो हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हैं। गुटबाजी तो भाजपा में है। पूर्व गृह मंत्री अनिल विज अब कहीं नजर नहीं आते। लोकसभा चुनाव में उनके साथ पार्टी नेताओं ने ही धोखा किया। वहीं, किरण चौधरी के कांग्रेस छोड़ने पर कहा कि सभी अपने हिसाब से फैसले लेते हैं। किरण चौधरी द्वारा कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं होने के सवाल पर कहा कि उन्हें ये साढ़े नौ साल बाद क्यों पता लगा।
प्रदेश में चल रही गुरु-चेला की सरकार
सीएम नायब सिंह सैनी और भाजपा के नेताओं द्वारा कांग्रेस को बापू-बेटा की पार्टी बताने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि राजनीति में काबिलियत महत्व रखती है। अगर कोई काबिल है तो वह राजनीति में आ सकता है। सीएम की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए हुड्डा ने कहा कि फिर तो यह भी कहा जाएगा कि हरियाणा में ‘गुरु-चेले’ की सरकार चल रही है। फैसले कहीं ओर से होते हैं और ट्रांसफर कहीं और से।
विधायक करेंगे मुख्यमंत्री का फैसला
विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री फेस पर लड़ने या सरकार बनने पर मुख्यमंत्री से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस में प्रजातंत्र है। विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी लड़ेगी। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला विधायक बैठकर करेंगे और कांग्रेस हाईकमान निर्णय करेगा। पार्टी नेतृत्व का फैसला सभी के लिए मान्य होता है।
मेरिट पर दी लाखों नौकरियां
सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा कांग्रेस सरकार में दी गई सरकारी व प्राइवेट नौकरियों पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से श्वेत-पत्र की मांग पर हुड्डा ने कहा कि मुझे श्वेत-पत्र जारी करने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास सारा रिकाॅर्ड है। चेक कर लें, हमने कितनी नौकरियां दीं। कांग्रेस राज में लाखों युवाओं को मेरिट पर सरकारी नौकरियां दीं।
हुडा के प्लाॅटों की ई आक्शन की करेंगे समीक्षा
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में ड्राॅ बंद होने और ई-ऑक्शन शुरू होने पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इसका रिव्यू किया जाएगा। उन्होंने फिर से ड्राॅ के जरिये अलॉटमेंट के संकेत भी दिए। साथ ही, शहरों के सेक्टरों व काॅलोनियों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर पूर्व सीएम ने कहा कि नए सेक्टरों के लिए यह फैसला सही है। लेकिन पुराने सेक्टरों में यह व्यावहारिक नहीं है। आरडब्ल्यूए को विश्वास में लेकर फैसला होना चाहिए।
आखिरी चुनाव के सवाल को टाल गए हुड्डा
इस बार आखिरी चुनाव होने का सवाल जब पूछा गया तो हुड्डा उसे टाल गए। हुड्डा ने कहा कि यह सवाल अच्छा है, लेकिन इसका जवाब नहीं दूंगा। बता दें कि इससे पहले दिल्ली में हुई बैठक में हुड्डा ने कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव है, बीच में राहुल गांधी ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भी यही कहते थे। इस बैठक में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि उन्होंने चुनाव लड़ने से संन्यास ले लिया है, हुड्डा को भी लेना चाहिए।
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हुड्डा वीरवार को यहां चंडीगढ़ में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में बोल रहे थे। भाजपा सरकार को पोर्टल सरकार बताते हुए हुड्डा ने कहा कि मैं पोर्टल के खिलाफ नहीं हूं लेकिन जो पोर्टल जनहित के खिलाफ हैं, उन सभी को बंद किया जाएगा। अगर भाजपा को ये पोर्टल इतने ही अच्छे लगते हैं तो विधानसभा चुनाव में वोट भी पोर्टल पर मांगने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कई बार पोर्टल को लेकर सवाल उठाए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब सरकार ने माना कि पोर्टल में त्रुटियां हैं और उन्हें ठीक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। वहीं, थैली लेकर सोनिया गांधी से मिलने के सीएम नायब सैनी के बयान को हुड्डा ने गैर जिम्मेदार करार दिया।
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किसी से नहीं होगा गठबंधन, अकेले लड़ेगी कांग्रेस
इंडिया गठबंधन के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा में देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक वोट हासिल किए हैं। प्रदेश के सभी 90 विधानसभा हलकों में 2019 के मुकाबले वोट बैंक बढ़ा है। आम आदमी पार्टी (आप) के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर पूर्व सीएम ने कहा कि लोकसभा में इंडिया गठबंधन के तहत समझौता हुआ था। विधानसभा चुनावों के लिए समझौता नहीं हुआ। हरियाणा में कांग्रेस अपने आप में सक्षम है और सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा।
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सरेआम मांगी जा रही रंगदारी-फिरौती, कहां है कानून
पूर्व सीएम ने कहा कि 2005 में भी प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट थी। उस समय बदमाशों को स्पष्ट कहा गया था कि वे या तो बदमाशी छोड़ दें या फिर हरियाणा। दस वर्षों तक राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था रही। भाजपा के राज में हरियाणा देशभर में सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल हो गया है। हुड्डा ने कहा कि व्यापारियों से सरेआम रंगदारी और फिरौती मांगी जा रही हैं। हत्याएं हो रही हैं। कहां है कानून व्यवस्था।
मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं
कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर हुड्डा ने कहा कि हमारे यहां गुटबाजी नहीं है। नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद तो हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं हैं। गुटबाजी तो भाजपा में है। पूर्व गृह मंत्री अनिल विज अब कहीं नजर नहीं आते। लोकसभा चुनाव में उनके साथ पार्टी नेताओं ने ही धोखा किया। वहीं, किरण चौधरी के कांग्रेस छोड़ने पर कहा कि सभी अपने हिसाब से फैसले लेते हैं। किरण चौधरी द्वारा कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं होने के सवाल पर कहा कि उन्हें ये साढ़े नौ साल बाद क्यों पता लगा।
प्रदेश में चल रही गुरु-चेला की सरकार
सीएम नायब सिंह सैनी और भाजपा के नेताओं द्वारा कांग्रेस को बापू-बेटा की पार्टी बताने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि राजनीति में काबिलियत महत्व रखती है। अगर कोई काबिल है तो वह राजनीति में आ सकता है। सीएम की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए हुड्डा ने कहा कि फिर तो यह भी कहा जाएगा कि हरियाणा में ‘गुरु-चेले’ की सरकार चल रही है। फैसले कहीं ओर से होते हैं और ट्रांसफर कहीं और से।
विधायक करेंगे मुख्यमंत्री का फैसला
विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री फेस पर लड़ने या सरकार बनने पर मुख्यमंत्री से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस में प्रजातंत्र है। विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी लड़ेगी। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला विधायक बैठकर करेंगे और कांग्रेस हाईकमान निर्णय करेगा। पार्टी नेतृत्व का फैसला सभी के लिए मान्य होता है।
मेरिट पर दी लाखों नौकरियां
सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा कांग्रेस सरकार में दी गई सरकारी व प्राइवेट नौकरियों पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से श्वेत-पत्र की मांग पर हुड्डा ने कहा कि मुझे श्वेत-पत्र जारी करने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास सारा रिकाॅर्ड है। चेक कर लें, हमने कितनी नौकरियां दीं। कांग्रेस राज में लाखों युवाओं को मेरिट पर सरकारी नौकरियां दीं।
हुडा के प्लाॅटों की ई आक्शन की करेंगे समीक्षा
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में ड्राॅ बंद होने और ई-ऑक्शन शुरू होने पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इसका रिव्यू किया जाएगा। उन्होंने फिर से ड्राॅ के जरिये अलॉटमेंट के संकेत भी दिए। साथ ही, शहरों के सेक्टरों व काॅलोनियों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर पूर्व सीएम ने कहा कि नए सेक्टरों के लिए यह फैसला सही है। लेकिन पुराने सेक्टरों में यह व्यावहारिक नहीं है। आरडब्ल्यूए को विश्वास में लेकर फैसला होना चाहिए।
आखिरी चुनाव के सवाल को टाल गए हुड्डा
इस बार आखिरी चुनाव होने का सवाल जब पूछा गया तो हुड्डा उसे टाल गए। हुड्डा ने कहा कि यह सवाल अच्छा है, लेकिन इसका जवाब नहीं दूंगा। बता दें कि इससे पहले दिल्ली में हुई बैठक में हुड्डा ने कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव है, बीच में राहुल गांधी ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भी यही कहते थे। इस बैठक में चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि उन्होंने चुनाव लड़ने से संन्यास ले लिया है, हुड्डा को भी लेना चाहिए।