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ऑपरेशन ब्लू स्टार: बादल के खिलाफ फिर बिफरे कैप्टन

Thu, 13 Feb 2014 01:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 13 Feb 2014 01:53 PM IST
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opration blue star: captain amrinder singh alligade chief minister prakash singh badal

ऑपरेशन ब्लू स्टार के संबंध में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के हमले जारी हैं।

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उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री बादल को खुला पत्र लिखकर आरोप लगाया कि वह ऑपरेशन ब्लू स्टार से पहले 28 मार्च 1984 को देश के तत्कालीन गृह मंत्री पीवी नरसिम्हा राव से अकेले मिले थे और हरिमंदिर साहिब पर सैन्य कार्रवाई की मांग की थी।

दिल्ली के एक गेस्ट हाउस में हुई गुप्त मुलाकात में भारत सरकार के कैबिनेट सचिव सहित प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के मुख्य सचिव भी उपस्थित थे। कैप्टन ने पत्र में कहा है कि बादल को इस महत्वपूर्ण मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, जो अब पंजाब के लोगों की अदालत में हैं।
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पत्र की प्रति मीडिया को जारी करते हुए कैप्टन ने बादल को इस मुद्दे पर सफाई देने के लिए प्रवक्ताओं या अधिकारियों का इस्तेमाल न करने की बात सलाह भी दी है।
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कैप्टन ने पत्र में कहा है कि शिरोमणि अकाली दल के तत्कालीन अध्यक्ष संत हरचंद सिंह लौंगोवाल ने केंद्र से बातचीत के लिए बादल सहित जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा और सुरजीत सिंह बरनाला पर आधारित तीन सदस्यीय समिति बनाई थी।

कैप्टन ने सवाल किया है कि ऐसे में 28 मार्च 1984 को उनका केंद्रीय गृह मंत्री से अकेले बैठक करने का क्या तर्क था? उन्होंने गत मंगलवार को जारी किए लौंगोवाल के पत्र का हवाला भी ओपन लेटर में दिया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि बादल एक जून, 1984 को अपने गांव में थे और उसी दिन पुलिस व सीआरपीएफ ने श्री दरबार साहिब को घेरा था। 2 जून को भारतीय सेना ने इस घेरे को मजबूत कर दिया।

इसमें कोई दो राय नहीं कि बादल को इन दो दिनों के दौरान घटनाओं के बारे में जानकारी न मिली हो। तब वह अमृतसर क्यों नहीं गए? अमृतसर के लिए टेलीफोन लाइनें भी 3 जून को काटी गई थीं। 2 जून को संत लौंगोवाल ने सीनियर लीडरशिप को बैठक के लिए श्री दरबार साहिब में बुलाया था।

जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा पटियाला से इसमें शामिल होने आए थे, लेकिन बादल अपने गांव से शामिल होने नहीं पहुंचे, क्योंकि उन्हें जल्द ही होने वाली फौजी कार्रवाई के बारे में जानकारी थी और वह वहां मौजूद रहने से बच रहे थे। कैप्टन अमरिंदर ने यह भी कहा है कि बादल सेक्टर-9, चंडीगढ़ स्थित अपने निवास से 11-12 जून की रात 2.30 बजे गिरफ्तार हुए, न कि 10 को। इससे पहले उन्होंने 11 तारीख को प्रेसवार्ता की थी।


जब पुलिस आई थी, तो उन्होंने गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री बादल से कहा है कि वह इन आरोपों पर सफाई देने के लिए अपने सहयोगियों से प्रेस बयान जारी कराने की बजाय खुद या तो उनके आरोपों को नकारें या फिर मानें।

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