चौंका देगा पंजाब का यह स्मार्ट स्कूल: यहां छात्र भी एक, अध्यापिका भी एक, नहीं बढ़ी संख्या; कोशिश की गईं अनेक
पंजाब के एक सरकारी स्कूल में सिर्फ एक बच्चा पढ़ता है। स्कूल में एक ही अध्यापिका की तैनाती की गई है। कई बार ग्रामीणों से बातचीत के बावजूद छात्रों की संख्या नहीं बढ़ रही है। अब शिक्षा विभाग पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों को समझाने में जुटा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के बठिंडा जिले में एक ऐसा स्कूल है जिसके बारे में जानकार आप दंग रह जाएंगे। यह सरकारी प्राथमिक स्मार्ट स्कूल है। इस स्कूल में एक बच्चा पढ़ने आता है। एक ही अध्यापिका बच्चे को पढ़ाने आती है। यह स्कूल है बठिंडा जिले के गांव बुध सिंह वाला का।
स्कूल में अध्यापिका सरबजीत कौर की तैनाती हैं। उन्होंने स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने की खातिर ग्रामीणों से बातचीत भी की। मगर संख्या नहीं बढ़ी। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह इस बार स्कूल में बच्चों का दाखिला बढ़ाने के लिए लोगों से बात करेंगे। पंचायत के माध्यम से भी प्रयास करेंगे।
पांचवीं में पढ़ता है अकेला छात्र
अध्यापिका सरबजीत कौर ने बताया कि इस स्कूल में उनकी नई तैनाती की गई है। यहां आने के बाद ही पता चला कि स्कूल में एक ही छात्र है। वह पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। गांव में करीब 40 घर हैं। मगर इन घरों के बच्चे सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ रहे हैं। कई बार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सरकारी स्कूल में बच्चों को भेजने की अपील की। मगर अभी तक विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ी।
सभी सुविधाएं मिल रहीं: छात्र
वहीं छात्र का कहना है कि वह पिछले पांच वर्ष से इसी स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। यहां उसे हर तरह की सुविधा मिल रही है। अच्छी तरह से पढ़ाई भी कराई जाती है। अकेले होने की वजह से सिर्फ पढ़ाई में ही मस्त रहता हूं। गांव का कोई अन्य बच्चा इस स्कूल में पढ़ाई करने नहीं आता है।
शिक्षा विभाग के डिप्टी डीईओ महिंदरपाल सिंह ने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस बार स्कूल में अधिक दाखिले होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गांव की पंचायत के माध्यम से लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
अकेलापन महसूस करता हूं
पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने कहा कि मैं स्कूल में अकेला ही पढ़ने आता हूं। इस वजह से मुझे बहुत ज्यादा अकेलापन महसूस होता है। मगर मैं शिक्षा प्राप्त करने के मकसद से ही पढ़ाई कर अपने अकेलेपन को दूर करने का प्रयास करता हूं। अगर स्कूल में अन्य बच्चे भी पढ़ाई करें तो मेरे भी दोस्त बन जाएंगे।