लॉकडाउन में 96% लोगों की मेंटल हेल्थ पॉजिटिव, बुजुर्ग सर्वाधिक खुश, 12 राज्यों में हुआ ऑनलाइन सर्वे
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कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के चलते लोगों पर साइको-सोशल इंपैक्ट क्या पड़ रहा है, इसको लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग की चेयरपर्सन प्रो. सीमा विनायक ने 10 दिन में 12 राज्यों का ऑनलाइन रिसर्च कर बड़े नतीजे निकाले हैं। रिसर्च में सामने आया है कि 96 फीसदी लोगों का लॉकडाउन के कारण मानसिक स्वास्थ्य पॉजिटिव है।
साथ ही उन बुजुर्गों को अधिक सुकुन मिला है जो परिवार में अकेलापन महसूस करते थे। उन्हें परिवार के सदस्य समय नहीं दे पाते थे। आज पूरा परिवार उनके साथ है। उनके चेहरे पर लाली देखी जा रही है। प्रो. सीमा विनायक ने 5 अप्रैल को ऑनलाइन रिसर्च प्लेटफार्म तैयार किया था।
सर्वे में छह से नौ अप्रैल के बीच देशभर में हर वर्ग के लोगों से लॉकडाउन के बाद की मानसिक स्थिति व सामाजिक बातों को जानने की कोशिश की गई। चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लेह लद्दाख, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 12 राज्यों से 400 लोगों ने जवाब दिए हैं। इन लोगों की आयु 18 साल से लेकर 75 साल के मध्य है। आए जवाब के बाद प्रोफेसर सीमा विनायक ने इनका निष्कर्ष निकाला।
भविष्य की चिंता के चलते कुछ लोगों में तनाव
रिसर्च में यह भी पाया गया है कि कुछ लोगों को अपने भविष्य की चिंता है। किसी को रोजगार पाने की फिक्र है तो किसी को कम वेतन की। किसी को नौकरी खोने की चिंता सता रही है। इस चीज को लेकर जरूर लोगों में कुछ तनाव दिखा। लेकिन योगा, मेडिटेशन के जरिये वे इसे दूर कर रहे हैं। परिवार उन्हें कह रहे हैं कि सब कुछ मिल बांटकर समस्याओं का हल कर लेंगे।
रिसर्च में ये बातें भी आईं सामने
- प्रदूषण के कारण आसमान दिखने लगा साफ, रात को वह तारे देख पा रहे हैं।
- चिड़ियों की चहचहाट, पेड़ों के पत्तों की आवाज भी सुन पा रहे हैं।
- पूरा परिवार एक साथ भोजन कर पा रहा है और बुजुर्गों को समय दे पा रहे हैं। बुजुर्गों की अहमियत बढ़ी है।
- कुछ लोगों ने बताया कि किसी कारणवश तनाव आया तो वह भी योगा, मेडिटेशन के जरिये दूर कर रहे।