बेहद खास है साइबर स्कूल मैनेजर एप, 20 हजार टीचर और ढाई लाख बच्चे हैं जुड़े, ऐसे लग रही वर्चुअल क्लास
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लॉकडाउन के बावजूद कुछ स्कूलों की पढ़ाई निर्बाध जारी है। वह भी घर बैठे। जिस तरह स्कूलों से क्लास लगती थी, उसी तरह से हर टीचर आज भी अपने विषय की क्लास लेते हैं और बच्चे भी अटेंड करते हैं। यह सब सॉफ्टवेयर इंजीनियर पुनीत वर्मा की वजह से संभव हो सका है। उनकी कंपनी साइब्रेन साफ्टवेयर साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने साइबर स्कूल मैनेजर एडवांस एप तैयार किया है, जो छात्र व अभिभावक को स्कूल व शिक्षकों के साथ बहुत ही कुशल तरीके से जोड़ता है।
पुनीत इस कंपनी के डायरेक्टर हैं और वे अमर उजाला बेस (बिजनेस एकेडमिक एंड सोशल एंटरप्रेन्योर) से भी जुड़े हैं। ट्राइसिटी सहित पंजाब व हिमाचल के कई स्कूल एप के माध्यम से जुड़े हैं। दस दिनों के भीतर 20 से ज्यादा स्कूलों को ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं और स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है।
पुनीत के मुताबिक एप डाउनलोड करने के बाद कंपनी की ओर से टीचर को ट्रेनिंग दी जाती है कि एप को कैसे संचालित करना है। इस समय एप से करीब ढाई लाख बच्चे, 200 से ज्यादा स्कूल, 20 हजार टीचर व स्टाफ जुड़ा हुआ है। खास बात यह है कि पुनीत लॉकडाउन के दौरान मुफ्त में ही ट्रेनिंग व अन्य कार्य कर रहे हैं।
उनका मानना है कि लॉकडाउन की वजह से कहीं एजुकेशन सिस्टम धराशायी न हो जाए, इसलिए स्कूलों को इस एप के माध्यम से पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। एप के माध्यम से पंचकूला का लिटिल फ्लावर और मनीमाजरा का गुरुकुल ग्लोबल स्कूल अपने बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। इसके अलावा हिमाचल के पालमपुर, कुल्लू, हमीरपुर और पंजाब के कई शहरों के स्कूल जुड़े हैं।
क्या-क्या है एप में
पुनीत के मुताबिक एप में क्लास वाइज टीचर पढ़ा सकते हैं। कोई भी वीडियो पोस्ट कर सकते हैं। लाइव स्ट्रीमिंग है। बच्चे घर बैठकर अपने टीचर व साथियों को देख सकते हैं। इसमें यह भी व्यवस्था की गई है कि पूरे दिन के विषय वाइज पीरियड बनाए जाते हैं और उसी के मुताबिक टीचर अपनी क्लास अटेंड करता है।
इसमें बच्चे सवाल पूछ सकते हैं। इस एप के माध्यम से माता-पिता को नियमित अलर्ट और सूचनाएं मिलती रहती हैं। छात्रों की हाजिरी और उनकी गतिविधि, फीस, रिजल्ट, विश्लेषण और रिपोर्ट कार्ड भी सिर्फ एक क्लिक में सामने आ जाता है। इसमें विशेष संदेश सिर्फ अभिभावक को ही भेजे जाते हैं। इस एप के माध्यम से पेरेंट्स स्कूल के साथ हर वक्त जुड़े रहते हैं।