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पाकिस्तान में प्याज-टमाटर महंगा, तो करतारपुर साहिब के लंगर में लगा अमृतसर का तड़का, जानिए कैसे

Sat, 07 Dec 2019 10:30 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 07 Dec 2019 10:30 AM IST
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Onion and Tomato Cost in Pakistan Effecting Kartarpur Sahib Langar
दूकान पर रखीं सब्जियां
पाकिस्तान में प्याज, टमाटर और हरी सब्जियां इतनी महंगी हैं कि उनका असर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में बनने वाले लंगर पर भी पड़ रहा है। इसलिए करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु अपने साथ टमाटर, प्याज, हरी मिर्च सहित सब्जियों के भरे बैग लेकर जा रहे हैं। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में श्रद्धालुओं के लिए लगाए जा रहे लंगर में इन सब्जियों का प्रयोग किया जा रहा है।
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हालांकि भारत में भी प्याज 130 से 150 रुपये प्रति किलो है, लेकिन पाकिस्तान में प्याज की कीमत 300 रुपये से अधिक है। वहीं टमाटर प्रति किलो 300 से 400 रुपये है। प्याज और टमाटर की कीमत अधिक होने के कारण गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लंगर में इनका प्रयोग कम कर दिया गया था। अब गुरुद्वारा साहिब में तैयार होने वाले लंगर में अमृतसर से गई मिर्च, लहसुन और प्याज का तड़का लग रहा है।
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गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए गए हरी चंद के अनुसार, पाकिस्तान में टमाटर की कीमत बहुत अधिक है, इसलिए वह दर्शन के लिए जाते समय अपने साथ बैग भर कर टमाटर ले गए थे। उन्होंने सुना था कि नारोवाल में टमाटर 300 से 400 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि अमृतसर में टमाटर 50 रुपये प्रति किलो हैं। टमाटर और प्याज के बिना लंगर का स्वाद अधूरा है। उनके साथ दर्शन के लिए गए दूसरे श्रद्धालु भी सब्जियां व हरी मिर्च, अदरक और लहुसन लेकर आए हैं।
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थैले भरकर सब्जियां लेकर गए श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने लंगर के लिए अपना योगदान दिया है। कुछ श्रद्धालु भेंट देते हैं, उन्होंने दूसरे तरीके से भेंटा भेंट की। एक अन्य श्रद्धालु अमर संधू ने बताया कि कोई भी सिख किसी के घर उपहार के बिना जाना पसंद नहीं करता, इसलिए वे अपने गुरु के घर में कुछ ले जाना कैसे भूल सकते हैं।

वीजा मुक्त गलियारे से मलेशिया, कनाडा, फ्रांस, इटली और भारत से गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान और भारत सरकार का धन्यवाद किया। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के बाद पहली बार पाकिस्तान गई मुंबई निवासी सीता रानी और मोगा के आशु सिंह ने उम्मीद जताई कि करतारपुर कॉरिडोर दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंधों की नई इबारत लिखेगा।

गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन करने के लिए रागी सिंहों को भेजगी एसजीपीसी
एसजीपीसी ने गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में कीर्तन करने के लिए रागी सिंहों को भेजने का फैसला किया है। एसजीपीसी द्वारा कीर्तन के लिए भेजे जाने वाले रागी सिंह संगत की तरह गुरुद्वारा साहिब जाएंगे। दिन भर कीर्तन करने के बाद रागी सिंह निर्धारित समय में संगत के साथ वापस लौट आएंगे।

यह जानकारी एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने दी है। लौंगोवाल के अनुसार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में रागी सिंहों की कमी महसूस की जा रही है। इसी कारण एसजीपीसी ने यह फैसला किया है। गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए निर्धारित 20 अमरीकी डॉलर की फीस व अन्य खर्च एसजीपीसी वहन करेगी।
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