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‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना हरियाणा में लागू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Mar 2014 01:35 PM IST
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केंद्र सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को मान लिए जाने के बाद हरियाणा में भी इसे लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि इससे राज्य में सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके लगभग 19 लाख आश्रितों को लाभ मिलेगा। इस संबंध में शिकायतकर्ताओं को लिखे जवाबी पत्र में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज देश की सेनाओं में हर दसवां जवान हरियाणा से संबंध रखता है। राज्य सरकार ने बीते नौ वर्षों में सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को दी जाने वाली पेंशन, वजीफे और अनुदान राशि में भारी बढ़ोत्तरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वीरता पुरस्कार में विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त पुरस्कार राशि और वार्षिकी में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की है, जो परमवीर चक्र के लिए दो करोड़ रुपये, अशोक चक्रऔर महावीर चक्र के लिए एक-एक करोड़ रुपये, कीर्ति चक्र के लिए 51 लाख रुपये, वीर चक्र के लिए 50 लाख रुपये, शौर्य चक्र के लिए 31 लाख रुपये, सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मैडल (वीरता) के लिए 21 लाख रुपये, मेंशन-इन-डिस्पैचिज (वीरता) के लिए 10 लाख रुपये की गई है।
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वर्तमान सरकार से पहले यह एकमुश्त राशि 13 हजार रुपये से लेकर 1,72,500 रुपये तक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में भाग ले चुके भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को हरियाणा सरकार द्वारा 1500 रुपये मासिक की वित्तीय सहायता दी जाती है। सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 3,000 रुपये किया है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि इससे राज्य में सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके लगभग 19 लाख आश्रितों को लाभ मिलेगा। इस संबंध में शिकायतकर्ताओं को लिखे जवाबी पत्र में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज देश की सेनाओं में हर दसवां जवान हरियाणा से संबंध रखता है। राज्य सरकार ने बीते नौ वर्षों में सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को दी जाने वाली पेंशन, वजीफे और अनुदान राशि में भारी बढ़ोत्तरी की है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वीरता पुरस्कार में विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त पुरस्कार राशि और वार्षिकी में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की है, जो परमवीर चक्र के लिए दो करोड़ रुपये, अशोक चक्रऔर महावीर चक्र के लिए एक-एक करोड़ रुपये, कीर्ति चक्र के लिए 51 लाख रुपये, वीर चक्र के लिए 50 लाख रुपये, शौर्य चक्र के लिए 31 लाख रुपये, सेना मेडल, नौसेना मेडल और वायु सेना मैडल (वीरता) के लिए 21 लाख रुपये, मेंशन-इन-डिस्पैचिज (वीरता) के लिए 10 लाख रुपये की गई है।
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वर्तमान सरकार से पहले यह एकमुश्त राशि 13 हजार रुपये से लेकर 1,72,500 रुपये तक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में भाग ले चुके भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को हरियाणा सरकार द्वारा 1500 रुपये मासिक की वित्तीय सहायता दी जाती है। सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 3,000 रुपये किया है।