रोहतक सिस्टर्स का एक और झूठ आया सामने
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रोडवेज बस में कथित छेड़छाड़ केस में चर्चा में आईं रोहतक सिस्टर्स का एक और झूठ सामने आया है। आरोपी पक्ष के वकील ने आरोप लगाया था कि दोनों बहनों ने खरखौदा कॉलेज से रोहतक के आईसी कॉलेज में माइग्रेशन का कारण रोहतक में शादी होना बताया है। जबकि दोनों बहनें अविवाहित हैं।
आरटीआई में इस बात का खुलासा होने का दावा करते हुए मांग की कि एमडीयू प्रशासन इस मामले में दोनों बहनों के खिलाफ कार्रवाई करे। इस बाबत विवि प्रशासन ने दोनों बहनों को नोटिस भेज गलत जानकारी देने पर स्पष्टीकरण मांगा। आईसी कॉलेज के जरिए भेजे गए जवाब में दोनों बहनों ने बताया है कि हमने माइग्रेशन के आवेदन में पिता के तबादले को कारण बताया था।
बहनों ने दिया स्पष्टीकरण, एमडीयू संतुष्ट नहीं
एमडीयू प्रशासन ने एक पत्र राजकीय महिला कॉलेज (आईसी कॉलेज) रोहतक की प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल दलाल को भी भेजा। पत्र में दोनों बहनों से स्पष्टीकरण लेकर यूनिवर्सिटी को भेजने के लिए कहा गया। पूजा और आरती ने इस पत्र का जवाब दे दिया है।
हालांकि विवि प्रशासन इस जवाब से संतुष्ट हुआ या नहीं इस बारे में यूनिवर्सिटी का कोई अधिकारी फिलहाल कुछ भी नहीं बोल रहा है। लेकिन जो नोटिस यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जारी किया और आरटीआई के तहत दी गई जानकारी में जो तथ्य यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुहैया कराए, उस लिहाज से सूत्र यही बता रहे हैं कि विवि इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। जवाब दो दिन पहले दे दिया गया है। फिलहाल मैं बाहर हूं, इसलिए इस बारे में ज्यादा नहीं बता सकती है।
दोनों बहनों से स्पष्टीकरण ले लिया गया है और जवाब यूनिवर्सिटी को भी भेज दिया है। जवाब में पूजा और आरती ने बताया है कि माइग्रेशन आवेदन में हमने अपने पिता का तबादला होना कारण बताया था।
- डॉ. लक्ष्मी बेनीवाल दलाल, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, रोहतक
यह लड़कियों और यूनिवर्सिटी के बीच का मामला है। इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते।
- संदीप राठी, आरोपी लड़कों के वकील