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हरियाणा में एक लाख लावारिस पशु: दो साल में 241 की ली जान, सीएम बोले- राजस्थान, गुजरात और पंजाब के लोगों ने छोड़े

Fri, 04 Mar 2022 01:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 04 Mar 2022 01:19 AM IST
सार

नीरज ने पशु छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सख्त कानून की मांग की। गौतम ने कहा कि गोपालकों को सरकार प्रोत्साहन राशि दे। गोलन ने कहा कि गोसंवर्धन आयोग के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।

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One lakh unclaimed animals in Haryana
मनोहर लाल और दुष्यंत चौटाला - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा विधानसभा में गुरुवार को बेसहारा गोवंश, पशुओं व अन्य जानवरों का मुद्दा खूब गूंजा। प्रदेश में एक लाख बेसहारा पशु हैं। बीते दो साल में बेसहारा पशुओं ने 241 लोगों की जान ली है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल की ओर से इस मुद्दे पर लाए गए गैर सरकारी संकल्प पर सदन में दो घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई।

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भुक्कल ने आंकड़ों के साथ इस मुद्दे पर घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि गोवंश से सड़कों पर रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। नीलगाय अचानक सड़क पर आने से तीन बार उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है। कुत्तों व बंदरों का भी आतंक हैं। अस्पतालों में एंटी रैबीज टीकों का स्टॉक खत्म है। भिवानी में बंदरों के काटने के 90 केस पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इससे लोग मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारा गोवंश व अन्य पशुओं के लिए नई गोशालाएं खोली जाएंगी। विधायकों के साथ जनता का सहयोग मिलने पर ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। विधायक शपथ लें कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र को बेसहारा पशु मुक्त करने का अभियान चलाएंगे। बेसहारा गोवंश हरियाणा का ही नहीं है। राजस्थान, गुजरात व पंजाब के लोग अनुपयोगी पशुओं को यहां छोड़ गए हैं। इन राज्यों से झुंड के रूप में लोग लाते हैं और वापस जाते समय केवल दुधारू पशुओं को ही लेकर जाते हैं। गांवों में पंचायती जमीन पर गोशाला खोलने के लिए अनुदान दिया जा रहा है। बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान जन सहयोग से ही संभव है। इसके लिए सरकार के साथ-साथ सामाजिक संस्थानों व लोगों को भी आगे आना चाहिए।

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पशु छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानून की मांग
इस चर्चा में विधायक रणधीर गोलन, अमित सिहाग, शमशेर गोगी, बलराज कुंडू, राजकुमार गौतम, नीरज शर्मा, चिरंजीव राव, जोगी राम व अभय यादव ने हिस्सा लिया। उन्होंने अनेक सुझाव दिए। अभय ने कहा कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाओ। नीरज ने पशु छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सख्त कानून की मांग की। गौतम ने कहा कि गोपालकों को सरकार प्रोत्साहन राशि दे। गोलन ने कहा कि गोसंवर्धन आयोग के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।

सड़कों पर नहीं रहेगा गोवंश: दलाल
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि बेसहारा गोवंश सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा। जितनी भी गाय बेसहारा हैं, उनके लिए गोशाला बनाई जाएंगी। बेसहारा पशुओं की समस्याओं से निपटने के लिए गंभीरता से विचार किया जा रहा हैं। लोगों को अपने पशु सड़कों पर नहीं छोड़ने चाहिए। सरकार के इस प्रयास के साथ अपनी ओर से भी सहयोग करना चाहिए। साढ़े चार लाख गोवंश अभी गोशालाओं में है। कोई भी व्यक्ति या संस्था 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रति साल के तहत भूमि लेकर गोशाला खोल सकता है। गोशालाओं में नेचुरल पेंट बनाने का काम भी किया जाएगा। भारतीय गैस प्राधिकरण से गैस खरीदने के लिए विभिन्न समझौते किए गए हैं। राज्य में 600 गोशालाएं चल रही हैं। लाखों कुत्तों की नसबंदी की है।

चारा देने के लिए आगे आएं लोग: विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लोगों से आह्वान किया कि बेसहारा पशुओं के रखरखाव के लिए सरकार व्यवस्था कर ही रही है। चारा इत्यादि देने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जिसमें गोचरान के लिए स्थान हो, भोजन की व्यवस्था हो। इसके लिए संस्थाएं भी आगे आएं। इसी प्रकार अन्य पशुओं के पालन की सामाजिक व्यवस्था भी होनी चाहिए। इससे लोगों को पुण्य भी मिलेगा।

डीसी के हाथ कुछ नहीं, सुशासन सहयोगी पैसे लेकर निपटा रहे फाइलें: कादियान
हरियाणा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के तेवर कड़े रहे। चर्चा का प्रस्ताव भाजपा विधायक महिपाल ढांडा ने रखा और जजपा विधायक ईश्वर सिंह ने अनुमोदन किया। कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डीसी के हाथ में कुछ नहीं है। जिलों में सुशासन सहयोगी पैसे लेकर फाइलें निपटा रहे हैं। 

उन्हें यह बात किसी ने बताई थी, जिसका उन्होंने खुद भी पता लगाया। इस पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कादियान साहब किसने पैसे लिए, कोई अफसर है तो उसका भी नाम बताओ। मुख्य सचिव यहां बैठे हैं, उनसे कहकर तुरंत जांच कराएंगे। कादियान ने कहा कि सीबीआई जांच कराओ तो नाम बताऊंगा। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पत्रकारों से बातचीत में इस मामले पर कहा कि नशे के कारोबार एवं भ्रष्टाचार में शामिल व्यक्तियों के नाम हर बार सदन में लिए जाते हैं लेकिन, सदस्य पुख्ता प्रमाण नहीं देते। पिछली बार हमने इसे सामान्य रूप से लिया लेकिन इस बार ऐसे विधायकों के खिलाफ संसदीय कार्यमंत्री के माध्यम से गैर जिम्मेदाराना बयान देने पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा।

हुड्डा ने महिपाल पर ली चुटकी, नायर से भिड़े कुंडू
अभिभाषण पर चर्चा के दौरान महिपाल ढांडा ने सरकार के खूब कसीदे पढ़े। इस पर नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने ढांडा की कई बार चुटकी ली। बलराज कुंडू ने ईश्वर सिंह के बोलने के दौरान टोकाटोकी की तो भाजपा विधायक जगदीश नायर बीच में आ गए। इस पर कुंडू ने नायर के साथ बहस शुरू कर दी। ईश्वर ने कहा कि कांग्रेस शासन की तुलना सात साल में कोई कांड नहीं हुआ। 

कुंडू बोले कि उनके पास दस्तावेज हैं, वे बताएंगे कि कौन-कौन से कांड हुए हैं। खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह व कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक भी टकरा गए। मलिक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी साक्षी मलिक को नौकरी क्यों नहीं दे रहे। इस पर संदीप सिंह ने कहा कि निदेशक की नौकरी का प्रस्ताव दिया था, वह रेलवे की नौकरी छोड़कर नहीं आना चाह रहीं। मलिक बोले कि अभी नियुक्ति पत्र दो, साक्षी नौकरी ज्वाइन करेंगी। 

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