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यहां 50 रुपये में बिकती है एक बीड़ी, सच जानकर सिर चकरा जाएगा

Fri, 02 Jun 2017 09:55 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब) Updated Fri, 02 Jun 2017 09:55 AM IST
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one bidi cost rupee 50
बीड़ी
चंद रुपयों में मिलने वाला बीड़ी का बंडल आपने भले ही बाजार में देखा हो, लेकिन यहां एक बीड़ी की कीमत ही आसमान छू जाता है। ये जगह है पंजाब के फिरोजपुर की सेंट्रल जेल, जहां कई अधिकारी, मुलाजिम जेल में बंद कैदियों और हवालातियों को कथित तौर पर बीड़ी बेच कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
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जेल में एक बीड़ी की कीमत पचास रुपये है, पूरा बंडल (पैकेट, जिसमें बीस बीड़ी होती है) पांच सौ रुपये में बिक रहा है। जानकारों का कहना है कि अदालत की छुट्टियों के बाद एक बीड़ी की कीमत अस्सी रुपये तक पहुंच जाती है।
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जेल सूत्रों के मुताबिक जेल में गश्त के दौरान एक जेल मुलाजिम ने एक कैदी को बीड़ी पीते हुए देख लिया। जब उससे पूछा गया कि बीड़ी कहां से ली है तो उसने बताया कि एक बीड़ी पचास रुपये में जेल के अंदर से ही खरीदी है, हजूर पीने दें।
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जानकारों का कहना है कि जेल में नशीले पदार्थ कई अधिकारियों की मिलीभगत से कुछेक जेल मुलाजिम पहुंचा रहे हैं। बीते दिनों सीआईए स्टाफ ने एक जेल मुलाजिम को नशीले पदार्थ समेत जेल के मुख्य गेट के बाहर से काबू किया था। 
 

नशा तस्करी का ये सच है

one bidi cost rupee 50
फिरोजपुर सेंट्रल जेल
इसके अलावा अदालत में पेशी भुगतने व अस्पताल में इलाज करवाने के बहाने कैदी व हवालाती जाते हैं और कई तरीकों से नशीले पदार्थ छिपाकर जेल में लेकर आते हैं। कई कैदी तो गुप्त अंग में छिपाकर नशीले पदार्थ लाते हैं।

बीते दिनों कांग्रेसी नेता लक्खा सिंह अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जेल में पहुंचा तो अपने जबड़ों में अफीम व स्मैक छिपाकर लाया था, जो पकड़ा गया था। इसी प्रकार कई मुलाकाती अपने जूते व चप्पलों में नशीले पदार्थ छिपाकर लाते हैं और कैदियों व हवालातियों तक पहुंचाते हैं। 

उधर, सेंट्रल जेल फिरोजपुर के सुपरिंटेंडेंट राणा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक मुलाकाती जूते के सोल में छिपाकर 12 ग्राम नशीला पाउडर लेकर आया था, जो पकड़ा गया था। इसके बाद से ही जूतों व चप्पलों की तलाशी ली जाती है और जूते उतार कर मुलाकात की इजाजत दी जाती है।

एक सवाल के जवाब में राणा ने कहा कि जेल में बीड़ी शुरू कराने की कोशिश की थी। ऊपर से इजाजत नहीं मिली। कई कैदी छिपाकर बीड़ी का बंडल ले आते हैं और ब्लैक में बीड़ी बेचते हैं। पकड़े जाने पर सजा भी दी जाती है।
 
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