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ध्यान रखें दोबारा भी हो सकती है पथरी

Sun, 17 Nov 2013 05:56 PM IST
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 17 Nov 2013 05:56 PM IST
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once again can also be stone

यदि किसी व्यक्ति को एक बार पत्थरी हो जाती है तो दोबारा भी हो सकती हैं। पीजीआई में यूरोलॉजी सोसायटी आफ इंडिया की ओर से आयोजित 23वीं वार्षिक कांफ्रेंस में संस्थान के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. उत्तम के मेटे ने बताया कि पत्थरी हलके में लेने वाली बीमारी नहीं है।

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लापरवाही किडनी को भी प्रभावित कर सकती है। रिसर्च के मुताबिक पांच साल बाद 35 प्रतिशत मरीजों में दोबारा से यह समस्या आती है।

20 साल बाद तो लगभग सभी मरीजों में पत्थरी होने की संभावना हो जाती है। छोटी पत्थरी तो अधिक दिक्कत नहीं करती, लेकिन बड़ी पत्थरी किडनी को भी प्रभावित करती है।
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यूरोलॉजी के एडशिनल प्रोफेसर डॉ. उत्तम के मुताबिक पत्थरी के कई कारण हो सकते हैं। पहला कारण जेनेटिक ,दूसरा इन्वायरमेंट और तीसरा अनबैलेंस डाइट है।

ऐसे रोके पत्थरी
1. खूब ज्यादा पानी पीएं ताकि यूरिन ज्यादा हो।
2. नमक की मात्रा कम कर दें
3. यदि नॉनवेज खाते हैं तो उसे भी खाना कम कर दें
4. मिल्क के प्रोडक्ट को बंद न करें
5. पालक और टमाटर कम खाएं
6. फ्रूट जूस ले सकते हैं

यूरोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष को समर्पित की कांफ्रेंस
23वीं वार्षिक कांफ्रेंस में देश और विदेश से 300 डेलीगेट पहुंचे। शुक्रवार को कांफ्रेंस का उद्घाटन प्रोफेसर और पीजीआई के डीन अमोद गुप्ता ने किया।

यूरोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया नॉर्थ जोन के प्रेसिडेंट डॉ. बलदेव सिंह औलख ने आए डेलीगेट को जनरल पब्लिक में ऑर्गन डोनेट करने के लिए प्रेरित किया।

जोन के सेक्रेटरी डॉ. राजीव कुमार ने सोसायटी के बारे में जानकारी दी। पीजीआई यूरोलॉजी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर एके मंडल ने बताया कि यह दूसरा मौका है जब कमेटी को कांफ्रेंस को होस्ट करने का मौका मिला।
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ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. एके शर्मा ने बताया कि यह कांफ्रेंस पीजीआई यूरोलॉजी के पूर्व हेड दिवंगत बीसी बपना को समर्पित की गई है।

बपना का हाल ही में निधन हुआ था। शुक्रवार को कांफ्रेंस के दौरान इंटरनेशनल और नेशनल फैकल्टी सदस्यों ने नौ सर्जरियों का लाइव डेमो दिखाया।

यूएसए के प्रो. अजय नेहरा ने पेनाइल प्रोस्थेसिस का इन्प्लांटटेशन दिखाया। इसके अलावा डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. पीबी सिंह, डॉ. अनिल गोयल, डॉ. एचएस भटयाल, डॉ. एसके रावल, डॉ. पम्पोस रैना और डॉ. उत्तम मेटे ने सर्जरी का लाइव डेमो दिखाया।

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