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हॉकी टीम की जीत: पूर्व कप्तान बलबीर सिंह सीनियर के घर लहराया तिरंगा, ओलंपिक में देश को तीन बार दिलाया था गोल्ड
Thu, 05 Aug 2021 10:27 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 10:27 PM IST
सार
टोक्यो ओलंपिक में जीत के हीरो रहे हॉकी टीम के सदस्य गुरजंट सिंह व रुपिंदर पाल को यूटी का खेल विभाग सम्मानित करेगा।
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हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर के घर पर लहराया तिरंगा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत को ओलंपिक में तीन बार गोल्ड मेडल दिलाने वाले भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान बलबीर सिंह सीनियर की ख्वाहिश थी कि उनके जीवित रहते भारतीय टीम एक मेडल जरूर जीते। उनके जीते जी तो यह सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन उनकी मृत्यु के सवा साल बाद भारतीय टीम ने उनका सपना जरूर पूरा कर दिखाया।
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित उनके घर पर भी खुशी का माहौल रहा। घर की छत पर सीनियर के परिजनों ने तिरंगा फहराया। इस मौके पर उनके नाती कबीर सिंह ने कहा कि बीते वर्ष बीमार होने से पहले उनके नाना बलबीर सिंह सीनियर का सपना था कि टोक्यो ओलंपिक में दर्शक के तौर पर भारतीय टीम को हौसला बढ़ाने के लिए जाएंगे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई। इस जीत से उनकी आत्मा को शांति जरूर मिलेगी। बता दें कि 25 मई 2020 को लंबी बीमारी के बाद बलबीर सिंह सीनियर का निधन हो गया था।
हॉकी टीम के हीरो गुरजंट और रुपिंदर को सम्मानित करेगा यूटी खेल विभाग
टोक्यो ओलंपिक में जीत के हीरो रहे हॉकी टीम के सदस्य गुरजंट सिंह व रुपिंदर पाल को यूटी का खेल विभाग सम्मानित करेगा। गुरुवार को खेल विभाग के निदेशक तेजदीप सिंह सैनी ने सेक्टर- 42 स्थित स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि 41 साल बाद भारतीय टीम ने मेडल जीता है। टीम में शामिल दोनों सदस्यों ने भारत के साथ-साथ चंडीगढ़ का भी नाम रोशन किया है। यूटी प्रशासन की खेल पॉलिसी के मुताबिक दोनों को श्रेष्ठ सम्मान दिया जाएगा।
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इस मौके पर उन्होंने हॉकी के प्रमुख कोच गुरमिंदर सिंह का लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ ही एकेडमी की नीतियों के बारे में अवगत कराया कि उनका विभाग हॉकी के नए टैलेंट को तराशता आया है। कई खिलाड़ी बचपन में आए और उन्हें तराशकर पेशेवर खिलाड़ी बनाया। इनमें प्रमुख रूप से सीनियर खिलाड़ी गुरजिंदर सिंह, मनमीत रात, हरजीत सिंह, हरमन सिंह, गगनदीप जूनियर, हरजोत सिंह व धर्मवीर और जूनियर खिलाड़ियों में संजय, मनिंदर, मंजीत, जसप्रीत और सुखजीत शामिल हैं।
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टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-36 स्थित उनके घर पर भी खुशी का माहौल रहा। घर की छत पर सीनियर के परिजनों ने तिरंगा फहराया। इस मौके पर उनके नाती कबीर सिंह ने कहा कि बीते वर्ष बीमार होने से पहले उनके नाना बलबीर सिंह सीनियर का सपना था कि टोक्यो ओलंपिक में दर्शक के तौर पर भारतीय टीम को हौसला बढ़ाने के लिए जाएंगे, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पाई। इस जीत से उनकी आत्मा को शांति जरूर मिलेगी। बता दें कि 25 मई 2020 को लंबी बीमारी के बाद बलबीर सिंह सीनियर का निधन हो गया था।
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हॉकी टीम के हीरो गुरजंट और रुपिंदर को सम्मानित करेगा यूटी खेल विभाग
टोक्यो ओलंपिक में जीत के हीरो रहे हॉकी टीम के सदस्य गुरजंट सिंह व रुपिंदर पाल को यूटी का खेल विभाग सम्मानित करेगा। गुरुवार को खेल विभाग के निदेशक तेजदीप सिंह सैनी ने सेक्टर- 42 स्थित स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि 41 साल बाद भारतीय टीम ने मेडल जीता है। टीम में शामिल दोनों सदस्यों ने भारत के साथ-साथ चंडीगढ़ का भी नाम रोशन किया है। यूटी प्रशासन की खेल पॉलिसी के मुताबिक दोनों को श्रेष्ठ सम्मान दिया जाएगा।
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इस मौके पर उन्होंने हॉकी के प्रमुख कोच गुरमिंदर सिंह का लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। साथ ही एकेडमी की नीतियों के बारे में अवगत कराया कि उनका विभाग हॉकी के नए टैलेंट को तराशता आया है। कई खिलाड़ी बचपन में आए और उन्हें तराशकर पेशेवर खिलाड़ी बनाया। इनमें प्रमुख रूप से सीनियर खिलाड़ी गुरजिंदर सिंह, मनमीत रात, हरजीत सिंह, हरमन सिंह, गगनदीप जूनियर, हरजोत सिंह व धर्मवीर और जूनियर खिलाड़ियों में संजय, मनिंदर, मंजीत, जसप्रीत और सुखजीत शामिल हैं।