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ओएलएक्स पर खुद को फौजी बताकर बाइक बेचने के नाम पर व्यक्ति से डेढ़ लाख की ठगी
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चंडीगढ़। ओएलएक्स पर खुद को फौजी बताकर बाइक बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इसके बाद मामले की सूचना साइबर सेल को दी गई। साइबर सेल ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता मोहम्मद अनवर ने बताया कि वह सेक्टर-52 में परिवार समेत रहते हैं और ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्हें पटना में रहने वाले अपने छोटे भाई के लिए बाइक की जरूरत थी। बीते 9 मार्च को ओएलएक्स एप पर 2017 मॉडल की स्पलेंडर बाइक देखी। ओएलएक्स पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो एक शख्स ने खुद को फौजी बताकर अपना नाम धर्मराज शर्मा बताया। साथ ही उसने बाइक का रेट 25 हजार रुपये बताकर मनीमाजरा स्थित एक घर का पता भी बताया और कहा कि बाइक वहीं पर खड़ी है, जाकर देख लो सौदा 21 हजार में तय हुआ।
अगले दिन धर्मराज ने कहा कि उसकी ट्रांसफर दिल्ली एयरपोर्ट पर हो गई है। आपकी बाइक को पार्सल से पटना भेजा जा रहा है। बिल के तौर पर धर्मराज को पे-फोन से 3150 रुपये भेज दिया। फिर 12 मार्च को मोबाइल पर एक व्यक्ति ने खुद को डिलीवरी ब्वाय बताकर कहा कि आपकी बाइक पटना एयरपोर्ट पर है, छुड़वाने के लिए बाकी के 17850 रुपये जमा करने होंगे तभी बाइक आपके घर पहुंचाई जाएगी। इसके बाद 14580 और 3 हजार अलग-अलग खाते से पेटीएम कर दिया। थोड़ी देर में डिलीवरी ब्वाय को फोन आया कि आपको 17850 रुपये एक बार में भेजना होगा, तभी बाइक डिलीवर होगी।
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डिलीवरी के दौरान रुपये वापिस करने का दिया था झांसा
इस दौरान उसने झांसे में लिया कि उसके बाकी के रुपये बाइक डिलीवरी के दौरान वापस कर दिए जाएंगे। जिसके बाद 18 हजार रुपये और फिर 21 हजार रुपये जमा करवा लिए लेकिन बाइक घर नहीं पहुंची। थोड़ी देर बाद उसके खाते से और भी रुपये कट गए। इस तरह उसके साथ कुल 1,48,467 रुपये की ठगी हो गई। आनन फानन में मनीमाजरा स्थित धर्मराज के घर पहुंचा लेकिन पता लगा कि पता गलत है।
साल दर साल बढ़े ठगी के मामले
बता दें कि ओएलएक्स पर खरीददारी के नाम पर लगातार धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल में सामने आया था कि ओएलएक्स पर खुद को फौजी बताकर एक एक्टिवा बेचने के नाम पर करीब 25 बार धोखाधड़ी की जा चुकी है। लेकिन साइबर सेल इन मामले को सुलझाने में फेल साबित हो रही है। ओएलएक्स पर खरीददारी के नाम 2018 में 243, 2019 में 368 और 2020 में करीब 95 शिकायतें आ चुकी हैं।
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शिकायतकर्ता मोहम्मद अनवर ने बताया कि वह सेक्टर-52 में परिवार समेत रहते हैं और ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्हें पटना में रहने वाले अपने छोटे भाई के लिए बाइक की जरूरत थी। बीते 9 मार्च को ओएलएक्स एप पर 2017 मॉडल की स्पलेंडर बाइक देखी। ओएलएक्स पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो एक शख्स ने खुद को फौजी बताकर अपना नाम धर्मराज शर्मा बताया। साथ ही उसने बाइक का रेट 25 हजार रुपये बताकर मनीमाजरा स्थित एक घर का पता भी बताया और कहा कि बाइक वहीं पर खड़ी है, जाकर देख लो सौदा 21 हजार में तय हुआ।
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अगले दिन धर्मराज ने कहा कि उसकी ट्रांसफर दिल्ली एयरपोर्ट पर हो गई है। आपकी बाइक को पार्सल से पटना भेजा जा रहा है। बिल के तौर पर धर्मराज को पे-फोन से 3150 रुपये भेज दिया। फिर 12 मार्च को मोबाइल पर एक व्यक्ति ने खुद को डिलीवरी ब्वाय बताकर कहा कि आपकी बाइक पटना एयरपोर्ट पर है, छुड़वाने के लिए बाकी के 17850 रुपये जमा करने होंगे तभी बाइक आपके घर पहुंचाई जाएगी। इसके बाद 14580 और 3 हजार अलग-अलग खाते से पेटीएम कर दिया। थोड़ी देर में डिलीवरी ब्वाय को फोन आया कि आपको 17850 रुपये एक बार में भेजना होगा, तभी बाइक डिलीवर होगी।
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डिलीवरी के दौरान रुपये वापिस करने का दिया था झांसा
इस दौरान उसने झांसे में लिया कि उसके बाकी के रुपये बाइक डिलीवरी के दौरान वापस कर दिए जाएंगे। जिसके बाद 18 हजार रुपये और फिर 21 हजार रुपये जमा करवा लिए लेकिन बाइक घर नहीं पहुंची। थोड़ी देर बाद उसके खाते से और भी रुपये कट गए। इस तरह उसके साथ कुल 1,48,467 रुपये की ठगी हो गई। आनन फानन में मनीमाजरा स्थित धर्मराज के घर पहुंचा लेकिन पता लगा कि पता गलत है।
साल दर साल बढ़े ठगी के मामले
बता दें कि ओएलएक्स पर खरीददारी के नाम पर लगातार धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हाल में सामने आया था कि ओएलएक्स पर खुद को फौजी बताकर एक एक्टिवा बेचने के नाम पर करीब 25 बार धोखाधड़ी की जा चुकी है। लेकिन साइबर सेल इन मामले को सुलझाने में फेल साबित हो रही है। ओएलएक्स पर खरीददारी के नाम 2018 में 243, 2019 में 368 और 2020 में करीब 95 शिकायतें आ चुकी हैं।