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पोल खुली: स्वच्छता के नाम पर नगर निगम लोगों को ऐसे बना रहा बेवकूफ

Thu, 11 Jan 2018 09:42 AM IST
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 11 Jan 2018 09:42 AM IST
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On the name of cleanliness, municipal corporation are making fool
Chandigarh News - फोटो : अमर उजाला
शहर में आजकल फॉग नहीं, स्वच्छता के नाम पर मजाक चल रहा है। जी हां, प्रशासन ने लोगों को फ्री पार्किंग का लालच देकर अपने 25 हजार के टारगेट से ज्यादा 29 हजार लोगों से स्वच्छता एप को डाउनलोड तो करवा लिया, लेकिन अब उनकी शिकायतों का निवारण नहीं हो पा रहा। स्वच्छता एप पर औसतन हर 15 मिनट में एक शिकायत दर्ज की जा रही है। वहीं, कुछ मामलों में प्रशासन की ओर से शिकायतों का निपटारा तो किया जा रहा है, लेकिन यह सब मात्र दिखावा ही है। स्वच्छता एप पर शिकायतों को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है, इसे लेकर अमर उजाला का का प्रयास।
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तो क्या सिर्फ स्वच्छता रैकिंग में आना ही उद्देश्य?
मंगलवार शाम 5 बजे सेक्टर-9 स्थित हाउसिंग बोर्ड ऑफिस के सामने कूड़े का ढेर लगा हुआ था, इसकी तस्वीर खींच कर स्वच्छता एप पर अपलोड किया और लिखा कि यहां पर काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है। 
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बुधवार दोपहर 3 बजे स्वच्छता एप पर शिकायत करने के 24 घंटे के अंदर जवाब आ गया। साथ ही चंडीगढ़ एमसी कॉर्प की तरफ से एक कमेंट भी आया, जिसमें लिखा था कि आपके काम को पूरा कर दिया गया है। उसकी तस्वीर भी एमसी कॉर्प की ओर से कमेंट बॉक्स में डाली गई थी, लेकिन सफाई कर्मियों ने स्वच्छता के नाम पर सिर्फ अपनी ड्यूटी ही पूरी की। दरअसल, उन्होंने कूड़े को वहां से उठाकर थोड़ी दूर रख दिया और उस जगह की तस्वीर खींच कर रिप्लाई कर दिया था कि आपके काम को पूरा कर दिया गया है।
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हैरानी की बात है कि हाउसिंग बोर्ड के पास एक और कूड़े का ढेर लगा हुआ था, जिसकी शिकायत नहीं की थी तो वह जस का तस पड़ा रहा। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन का मकसद सिर्फ लोगों से एप डाउनलोड करवाकर स्वच्छता रैकिंग में अव्वल आना था या सच में शहर को साफ देखना चाहते हैं?

दो-तीन दिन में भी समाधान नहीं

On the name of cleanliness, municipal corporation are making fool
नगर निगम की तरफ से सफाई के बाद ये तस्वीर भेजी गई। - फोटो : अमर उजाला
दो-तीन दिन में भी समाधान नहीं
नगर निगम के अफसर दावा कर रहे हैं कि एप पर आई शिकायतों का तुरंत समाधान हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि एप पर डाली जा रही शिकायतों का 24 घंटे में समाधान होना तो दूर 2-3 दिन में भी नहीं हो पा रहा और कहीं हो रहा है तो वह सिर्फ खानापूर्ति के लिए। प्रशासन की तरफ से एप पर आई शिकायतों का निपटारा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जब इन्हीं शिकायतें को मौके पर जाकर देखा गया तो पता चला कि कचरा जस का तस बिखरा पड़ा है।

क्या है स्वच्छता एप
शहरवासियों को हाईफाई डिजिटल नीति से जोड़ने के क्रम में केंद्र की स्वच्छ भारत मुहिम में स्वच्छता एप बनाया गया है। इसे सीधा संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों से जोड़ा गया है। इसमें लोग अपने आसपास की गंदगी की फोटो अपलोड कर उस जगह का नाम लिखकर सीधे एप पर अपलोड करते हैं। प्रशासन का दावा है कि वह हर शिकायत का निपटारा 24 घंटे के अंदर करते हैं।

ऐसी शिकायतें पोस्ट कर सकते हैं एप पर
- कूड़े की गाड़ी न आई हो
- अगर कहीं पर मृत पशु पड़ा हुआ हो
- जन शौचालय में भराव हो रहा हो
- अगर कहीं पर सफाई न हो रही हो

एप पर आने वाली शिकायतें 24 घंटे के भीतर दूर कर दी जाती हैं। अगर कोई खामी रहने की शिकायत मिलती है तो उस पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाएगा क्योंकि शहर की सफाई से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
-देवेश मोदगिल, मेयर, नगर निगम 
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