{"_id":"60d839e08ebc3e719c7437e9","slug":"old-vehicles-changed-the-fate-of-two-brothers-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: पुरानी गाड़ियों ने बदली इन दो भाइयों की किस्मत, बॉलीवुड में भी दिवानगी, फिल्मों में हो रहीं इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: पुरानी गाड़ियों ने बदली इन दो भाइयों की किस्मत, बॉलीवुड में भी दिवानगी, फिल्मों में हो रहीं इस्तेमाल
Sun, 27 Jun 2021 03:38 PM IST
ajay kumar
संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 27 Jun 2021 03:38 PM IST
सार
रविंदर सिंह ने बताया पहले पुरानी गाड़ियों को जब खरीद कर लाते थे तो घरवाले भी नाराज हो जाते थे कि तुम क्या कूड़ा खरीद कर घर ले आए हो। आज वहीं घरवालों को हम पर नाज करते हैं और खुशी है कि उनके बच्चे अपने शौक के साथ खुद का बिजनेस कर रहे हैं।
विज्ञापन
अपनी गाड़ियों के साथ दोनों भाई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एक गाड़ी को मॉडिफाई करना दो भाइयों के लिए इतना लक्की साबित हुआ कि आज इनकी पुरानी तैयार की हुई गाड़ियां बॉलीवुड से लेकर पॉलीवुड और साउथ की फिल्मों की शूटिंग में इस्तेमाल हो रही हैं। पंजाबी सिंगर के लगभग हर एल्बम की शूटिंग में इनकी गाड़ियां इस्तेमाल होती हैं। इस साल चंडीगढ़ में शूट की गई बॉलीवुड फिल्म ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ के अभिनेता आयुष्मान खुराना इनकी तैयार गाड़ियों में सवार होकर शूटिंग की।
विज्ञापन
ये दोनों भाई हैं दविंदर सिंह और रविंदर सिंह। पहले दोनों चंडीगढ़ में रहते थे और यही से पढ़ाई की। अब मोहाली में रहते हैं। इन्हें पुरानी गाड़ियों को फिर से तैयार करने का शौक जागा और एक-एक कर आज इनके कारों के बेड़े में 50 से अधिक गाड़ियां, पुराने बाइक, स्कूटर, विटेंज गाड़ियां, जिप्सी और आर्मी के पुराने वाहन शामिल हैं।
विज्ञापन
ऐसे बदली दोनों भाइयों की तकदीर
दविंदर सिंह ने बताया जब वह चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में पढ़ते थे, उस समय शौक के तौर पर एक कांटेसा गाड़ी खरीदी। उसे मॉडिफाई किया। कुछ महीने बाद जब इस गाड़ी को बेचने के लिए ऑनलाइन साइट पर डाला तो मुंबई से किसी ने साइट पर इस गाड़ी को देखा और संपर्क कर इस गाड़ी को फिल्म की शूटिंग के लिए दस दिन के लिए किराए पर लिया। उनकी शूटिंग एक महीने तक चली और उन्होंने इस गाड़ी के लिए अच्छी रकम दी। इसके बाद हमने सोचा कि क्यों न पुरानी गाड़ियों को खरीद कर उन्हें तैयार किया जाए। इसके बाद एक के बाद एक गाड़ियां खरीद कर उन्हें सजाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शिमला, मनाली और लेह-लद्दाख में शूटिंग में इन गाड़ियों का होता है इस्तेमाल
रविंदर सिंह ने बताया बॉलीवुड और पॉलीवुड के जो लोकल लाइन प्रोड्यूसर चंडीगढ़ में रहते हैं, उन्होंने संपर्क करना शुरू किया। चंडीगढ़, शिमला, कुल्लू-मनाली, कूफरी और लेह-लद्दाख में होने वाली फिल्मों की शूटिंग में गाड़ियां किराए पर जाने लगीं। इन गाड़ियों ने ही हमें रोजगार भी दिया है।
ये गाड़ियां हैं शामिल
1955 मॉडल की फिएट, 1956 की लैंड मास्टर, 1970 मॉडल की मर्सर्डीज, आर्मी के दो व्हीकल, इनमें जोंगा और ट्रैक है जो राजस्थान से खरीदे। मोटरसाइिकल में यैजदी, राजदूत, यामा 800, जावा शामिल हैं। विली जीपें, जिप्सी और पुरानी फिल्मों में दिखाई देने वाली मैटाडोर भी बेड़े में हैं।