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कई दिन से लगा रहा था बैंक के चक्कर, घर पहुंच कर बुजुर्ग ने तोड़ा दम
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Updated Wed, 21 Dec 2016 11:51 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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पानीपत जिले के गांव बबैल में एक बुजुर्ग व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मनरेगा के तहत काम करता था। अपना मानदेय लेने के लिए कई दिन से बैंक के चक्कर लगा रहा था, लेकिन पैसे नहीं मिल पा रहे थे। परिजनों का कहना है कि वह पैसे न मिलने से परेशान था। बुधवार को घर में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने बैंक प्रबंधन और सरकार की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की है।
गांव बबैल निवासी राज सिंह (55) मजदूरी करता था और वह मनरेगा के तहत भी गांव में काम करता था। बबैल निवासी अनिल ने बताया कि उसका चाचा राज सिंह पिछले कई दिनों से बैंक की लंबी कतार में पैसे लेने के लिए खड़ा रहता था। इसके बाद भी उसे पैसे नहीं मिल पा रहे थे। इस वजह से वह परेशान रहने लगा। उसे घर चलाने में भी परेशानी होने लगी थी।
परिजनों ने बताया कि राज सिंह ने पैसों के लिए मोची का काम भी किया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। वह मंगलवार को सही तरीके से सोया था। बुधवार सुबह वह अपने घर पर मृत मिला। संभावना जताई जा रही है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
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गांव बबैल निवासी राज सिंह (55) मजदूरी करता था और वह मनरेगा के तहत भी गांव में काम करता था। बबैल निवासी अनिल ने बताया कि उसका चाचा राज सिंह पिछले कई दिनों से बैंक की लंबी कतार में पैसे लेने के लिए खड़ा रहता था। इसके बाद भी उसे पैसे नहीं मिल पा रहे थे। इस वजह से वह परेशान रहने लगा। उसे घर चलाने में भी परेशानी होने लगी थी।
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परिजनों ने बताया कि राज सिंह ने पैसों के लिए मोची का काम भी किया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। वह मंगलवार को सही तरीके से सोया था। बुधवार सुबह वह अपने घर पर मृत मिला। संभावना जताई जा रही है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
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मनरेगा में सौ दिन पूरे हो चुके थे
मौत
- फोटो : Demo Pic
मनरेगा में सौ दिन पूरे हो चुके थे
बताया जा रहा है कि कि राज सिंह के मनरेगा मजदूरी के सौ दिन पूरे हो चुके थे, लेकिन उसे इसकी मजदूरी नहीं मिल पा रही थी। इससे वह परेशान था। तनाव के कारण उसे हृदयाघात हुआ और उसकी मौत हो गई।
परिवार में चार बेटी और एक बेटा
राज सिंह की चार बेटियां और एक बेटा है। बेटा सबसे छोटा है। उसकी उम्र करीब आठ साल है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। एक बेटी अभी अविवाहित है।
बबैल गांव में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने फिलहाल इसमें 174 के तहत कार्रवाई की है।
अजय मोर, प्रभारी, थाना सदर पानीपत।
बताया जा रहा है कि कि राज सिंह के मनरेगा मजदूरी के सौ दिन पूरे हो चुके थे, लेकिन उसे इसकी मजदूरी नहीं मिल पा रही थी। इससे वह परेशान था। तनाव के कारण उसे हृदयाघात हुआ और उसकी मौत हो गई।
परिवार में चार बेटी और एक बेटा
राज सिंह की चार बेटियां और एक बेटा है। बेटा सबसे छोटा है। उसकी उम्र करीब आठ साल है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। एक बेटी अभी अविवाहित है।
बबैल गांव में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने फिलहाल इसमें 174 के तहत कार्रवाई की है।
अजय मोर, प्रभारी, थाना सदर पानीपत।