{"_id":"baab023886dc06a5c191b0ff1c271a90","slug":"old-industrial-area-to-create-uproar-in-the-vegetable-market-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडस्ट्रियल एरिया में सब्जीमंडी बनाने पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंडस्ट्रियल एरिया में सब्जीमंडी बनाने पर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 14 Aug 2014 10:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क के दोनों तरफ प्रशासन के सब्जी मंडी बनाने के कदम पर हंगामा खड़ा हो गया है। उद्यमियों ने इसका जोरदार विरोध किया है।
विज्ञापन
इसके चलते सुबह और शाम को पहुंचे एडीसी समेत निगम अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। उद्यमियों ने सब्जी मंडी बनाने करा पूर जोर विरोध करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
नगर निगम की एक टीम बुधवार सुबह हाली पार्क के पीछे ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया को जाने वाली सड़क पर सब्जी मंडी बनाने की योजना में गई। निगम की टीम सफाई करने में लग गई। इसी समय ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमी आ गए और निगम के जेई के साथ जमकर कहासुनी हुई। उन्होंने नगर निगम के इस कदम का विरोध किया। जिसके चलते निगम अधिकारियों और टीम को लौटना पड़ा। इसके बाद शाम को एडीसी आरएस वर्मा और नगर निगम एमई मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने यहां पर सब्जी मंडी बनाने को उचित ठहराया और उद्यमियों को समझाने का प्रयास किया। उद्यमी प्रशासनिक व निगम अधिकारियों की बात सुनकर गुस्सा खा गए। उन्होंने कहा कि यह ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया की जगह है और नगर निगम के अंतर्गत नहीं आती।
ऐसे में नगर निगम इस सड़क पर मनमर्जी से सब्जी मंडी नहीं बना सकता। कुछ उद्यमियों ने कहा कि कुछ राजनीतिज्ञ लोगों के दबाव में आकर ऐसा किया जा रहा है। वे इस बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। उनकी अनदेखी की जाती है तो वे विधानसभा चुनाव में इसका बदला लेंगे। पूर्व प्रधान तरुण गांधी और राजीव अग्रवान ने कहा कि नगर निगम का यह कदम जनता व शहर के हित में नहीं है।
प्रशासनिक व निगम अधिकारी अपना मतलब सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। उद्यमियों के विरोध के चलते एडीसी आरएस वर्मा को भी वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उद्यमी एकजुट होकर उपायुक्त के पास पहुंचे और अपनी मांग रखी। डीसी ने उद्यमियों को शांत किया और इसको लेकर आठ सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जिसमें चार प्रशासन व चार उद्यमियों के सदस्य शामिल होंगे।