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चंडीगढ़ प्रशासन का हाल: तीन साल से सुनवाई के इंतजार में 1215 फाइलें, प्रशासक बोले-कहां जाएं फरियादी
Fri, 22 Sep 2023 01:10 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, चंडीगढ़
शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 01:10 AM IST
सार
पुलिस विभाग में 83 एफआईआर ऐसी हैं जो बीते तीन साल से लंबित हैं। विभाग से मिली सूचना अनुसार, 565 शिकायतों का तीन साल से कोई हल नहीं निकला है। सबसे ज्यादा शिकायतें साउथ डिवीजन में अनसुलझी पड़ी हैं।
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फाइल
विस्तार
चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के विभिन्न विभागों में तीन वर्ष से 1215 केस सुनवाई और निपटारे के इंतजार में हैं। इनमें सैकड़ों की संख्या में फरियादियों की शिकायतें भी शामिल हैं। सिर्फ प्रशासक के सलाहकार के पास ही 146 अपील लंबित हैं। वहीं, वित्त विभाग के विशेष सचिव के पास बीते 64 अपील लंबित हैं। यह खुलासा प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की ओर से विभागों से तलब की गई रिपोर्ट में हुआ है। उधर, लोगों का कहना है कि अफसरों को फाइल दबाने की आदत हो गई है, ऐसे में फरियादी कहां जाएं।
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चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों की सुस्त कार्यशैली का प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने सभी विभागों को सख्त निर्देश देकर उन सभी केसों की ऑफलाइन व ऑनलाइन जानकारी मांगी, जो तीन साल से लंबित हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद अब प्रशासक ने विभिन्न महकमों में केस लंबित होने को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की है। प्रशासक के ऑफिस से पत्र जारी होने के बाद बाकायदा महकमों से गृह विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों समेत सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासनिक शाखाओं से समयबद्ध जानकारी मांगी है।
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सूत्रों के अनुसार, यूटी सचिवालय में प्रशासक पुरोहित ने बीते मंगलवार को सलाहकार धर्मपाल समेत अन्य अधिकारियों से इन लंबित मामलों को लेकर गहन मंत्रणा की और नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया कि इतनी सुस्त कार्यप्रणाली की क्या वजह है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासक ने जल्द से जल्द इन मामलों का निपटारा करने निर्देश दिए हैं। वह खुद इन केसों की अगले कुछ दिनों में समीक्षा करेंगे।
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जानकारी देने से कर रहे गुरेज
हैरत की बात है कि कुछ विभाग आरटीआई के तहत लंबित मामलों की भी जानकारी देने से गुरेज कर रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के विभागों से लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी, जिसमें केवल फायर, टैक्स या एस्टेट ब्रांच की ओर से ही जानकारी दी गई। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने जानकारी देने से साफ मना कर दिया। एस्टेट ऑफिस अभी जवाब देने की प्रक्रिया में है।
आबकारी एवं कराधान विभाग में 62, एमसी की कर शाखा में 97 केस लंबित
नगर निगम की एस्टेट शाखा के पास 29 केस चीफ एडमिनिस्ट्रेटर की कोर्ट में लंबित हैं। एमसी की कर शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, 97 केस विभिन्न अथॉरटी के पास लंबित हैं। फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के पांच केसों का निपटारा नहीं हुआ है। इनमें चार मामले तो सेक्रेट्री लोकल गवर्नमेंट और एक सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन के पास लंबित है। वैट ट्रिब्यूनल में भी नौ अपील लंबित हैं जबकि वैट एक्ट कब का समाप्त हो चुका है।
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के वैट से जुड़े 62 केस ऐसे हैं, जो बीते तीन साल से लंबित हैं। विभाग में तीन साल से 118 अपीलों का निपटारा नहीं हो सका है। पुलिस विभाग में 83 एफआईआर ऐसी हैं जो बीते तीन साल से लंबित हैं। विभाग से मिली सूचना अनुसार, 565 शिकायतों का तीन साल से कोई हल नहीं निकला है। सबसे ज्यादा शिकायतें साउथ डिवीजन में अनसुलझी पड़ी हैं। पुलिस कंपलेंट अथॉरटी मार्च 2020 से काम नहीं कर रही है। इसके पास भी बीते तीन साल से 46 शिकायतें लंबित हैं।