{"_id":"5d1c51428ebc3e3c7d7ff533","slug":"objections-on-tribune-chowk-chandigarh-flyover-project","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर के निर्माण में फंसा पेंच, बदले जाएंगे नॉर्म्स और दोबारा होंगे टेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर के निर्माण में फंसा पेंच, बदले जाएंगे नॉर्म्स और दोबारा होंगे टेंडर
Wed, 03 Jul 2019 12:26 PM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 03 Jul 2019 12:26 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ का ट्रिब्यून चौक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले के डिटेल प्रोजेक्ट प्लान (डीपीआर) में कई कमियां रह गई थीं। ऐसे में फ्लाईओवर के निर्माण में अब तकनीकी अड़ंगा फंस गया है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व बीती 3 मार्च को आनन-फानन में फ्लाईओवर का शिलान्यास प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कर दिया गया था। अब प्रोजेक्ट में सुधार के लिए प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने केंद्र को फाइल भेजी है।
सूत्रों की मानें तो इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 6 माह का समय लग जाएगा। जानकारी के मुताबिक, शहर के अतिव्यस्त ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए जिन चार कंपनियों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया है, वह टेंडर अलॉटमेंट के मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इसलिए यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को टेंडर अलॉट करने में अभी और समय लग सकता है।
इस संदर्भ में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक जिम्मेदार अफसर ने बताया कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कत सामने आ रही है, जिसके समाधान के लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा गया है। अफसर का कहना है कि एक महीने के अंदर नार्म्स में संशोधन कंफर्म होकर आ जाएंगे। इसके बाद दोबारा फ्लाईओवर के लिए टेंडर निकाले जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 6 माह का समय लग जाएगा। जानकारी के मुताबिक, शहर के अतिव्यस्त ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए जिन चार कंपनियों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया है, वह टेंडर अलॉटमेंट के मानकों को पूरा नहीं करती हैं। इसलिए यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को टेंडर अलॉट करने में अभी और समय लग सकता है।
विज्ञापन
इस संदर्भ में इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक जिम्मेदार अफसर ने बताया कि ट्रिब्यून फ्लाईओवर को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कत सामने आ रही है, जिसके समाधान के लिए प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा गया है। अफसर का कहना है कि एक महीने के अंदर नार्म्स में संशोधन कंफर्म होकर आ जाएंगे। इसके बाद दोबारा फ्लाईओवर के लिए टेंडर निकाले जाएंगे।
विज्ञापन
अभी जाम से नहीं मिलने वाली है राहत
ट्रिब्यून चौक पर शहरवासियों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए बीते दो साल से ट्रिब्यून फ्लाईओवर के निर्माण की कवायद चल रही है। प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बीते मार्च महीने में ट्रिब्यून फ्लाईओवर के लिए टेंडर जारी कर दिए थे। टेंडर पाने के लिए चार कंपनियों ने अप्लाई किया है। इसमें सिंगला बिल्डर्स, राम प्रकाश एंड संस, जेबी जॉइंट वेंचर और सिंघल बिल्डर्स शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, यह कंपनियां वह कंपनियां ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के नार्म्स को पूरा नहीं करती हैं। इसकी कई टेक्निकल वजहें बताई जा रही हैं।
इसलिए दोबारा जारी करने पड़ सकते हैं टेंडर
इंजीनियरिंग से जुड़े सूत्रों की मानें तो ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला फ्लाईओवर सिक्स लेन का है जबकि जिन कंपनियों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया है, उनकी क्षमता फोर लेन की ही है। इसके अलावा कंपनियों के पैमाने मापने के कई अन्य कई पैरामीटर हैं, जिन पर यह कंपनियां खरी नहीं उतर रहीं। यही वजह है कि डीपीआर में केंद्र से संशोधन की अनुमति मिलने के बाद दोबारा टेंडर जारी किए जाएंगे। दोबारा टेंडर कह प्रक्रिया शुरू होने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है।
ऐसे बनना है फ्लाईओेवर
ट्रिब्यून चौक पर 2.5 किलोमीटर का फ्लाईओवर 140 करोड़ की लागत से बनाना है। बीती 3 मार्च को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इस फ्लाईओवर को शिलान्यास किया था। इसके बाद टेंडर निकाले गए थे। फ्लाईओवर को सेक्टर 32, 29 राउंड अबाउट से 100 मीटर पहले शुरू करके ट्रिब्यून राउंड अबाउट से 650 मीटर आगे रेलवे अंडर बिज तक और रेलवे अंडर बिज से आगे शुरू करके हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से 600 मीटर आगे तक बनना है।
इसलिए दोबारा जारी करने पड़ सकते हैं टेंडर
इंजीनियरिंग से जुड़े सूत्रों की मानें तो ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला फ्लाईओवर सिक्स लेन का है जबकि जिन कंपनियों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया है, उनकी क्षमता फोर लेन की ही है। इसके अलावा कंपनियों के पैमाने मापने के कई अन्य कई पैरामीटर हैं, जिन पर यह कंपनियां खरी नहीं उतर रहीं। यही वजह है कि डीपीआर में केंद्र से संशोधन की अनुमति मिलने के बाद दोबारा टेंडर जारी किए जाएंगे। दोबारा टेंडर कह प्रक्रिया शुरू होने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है।
ऐसे बनना है फ्लाईओेवर
ट्रिब्यून चौक पर 2.5 किलोमीटर का फ्लाईओवर 140 करोड़ की लागत से बनाना है। बीती 3 मार्च को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इस फ्लाईओवर को शिलान्यास किया था। इसके बाद टेंडर निकाले गए थे। फ्लाईओवर को सेक्टर 32, 29 राउंड अबाउट से 100 मीटर पहले शुरू करके ट्रिब्यून राउंड अबाउट से 650 मीटर आगे रेलवे अंडर बिज तक और रेलवे अंडर बिज से आगे शुरू करके हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से 600 मीटर आगे तक बनना है।