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ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पताल प्रशासन चिंतित, बढ़ते मरीजों से बढ़ा संक्रमण का खतरा
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चंडीगढ़। गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। जीएमएसएच-16 की ओपीडी में एक दिन में 300 से 400 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, गाइनी की ओपीडी में भी गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन व्यापक स्तर पर संक्रमण से बचाव की तैयारियों में जुट गया है।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि मौजूदा समय में एक दिन में दोनों विभागों की ओपीडी में मरीजों की संख्या 500 से 600 तक पहुंच गई है, जो कुछ दिन पहले तक 200 से 300 तक थी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव के कारगर उपाय करने में ज्यादा फोकस किया जा रहा है, ताकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
इसके लिए डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम को सचेत कर दिया गया है। उनकी तरफ से दोनों डिपार्टमेंट में प्रतिदिन सैनिटाइजेशन और बचाव संबंधी मानकों की पूरी तरह मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को बताया जा रहा है कि जब तक ज्यादा जरूरत न पड़े तब तक अस्पताल न आएं।
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अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि मौजूदा समय में एक दिन में दोनों विभागों की ओपीडी में मरीजों की संख्या 500 से 600 तक पहुंच गई है, जो कुछ दिन पहले तक 200 से 300 तक थी। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव के कारगर उपाय करने में ज्यादा फोकस किया जा रहा है, ताकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
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इसके लिए डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम को सचेत कर दिया गया है। उनकी तरफ से दोनों डिपार्टमेंट में प्रतिदिन सैनिटाइजेशन और बचाव संबंधी मानकों की पूरी तरह मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को बताया जा रहा है कि जब तक ज्यादा जरूरत न पड़े तब तक अस्पताल न आएं।
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