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Hindi News ›   Chandigarh ›   Number of Health workers hike to get Corona vaccine in Punjab after Strictness of Health minister

पंजाब में स्वास्थ्य मंत्री की चेतावनी का हुआ असर, कोरोना का टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की भीड़ जुटी

Wed, 24 Feb 2021 01:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Feb 2021 01:10 AM IST
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Number of Health workers hike to get Corona vaccine in Punjab after Strictness of Health minister
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू। - फोटो : ANI

पंजाब में फ्रंटलाइन वर्कर और स्वास्थ्य कर्मी कोरोना वैक्सीन के प्रति उदासीनता दिखा रहे थे। इससे खफा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कड़ी चेतावनी जारी की। चेतावनी के अगले ही दिन टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की लाइन लग गई। पंजाब में 21 फरवरी को जहां केवल 58 फ्रंटलाइन वर्करों और 40 स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई थी तो वहीं वहीं सोमवार को यह संख्या बढ़कर क्रमश: 3731 और 1177 तक पहुंच गई।

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यह स्थिति मंगलवार को भी बनी रही और 1508 हेल्थ वर्करों व 4775 फ्रंटलाइन वर्करों ने टीका लगवाया। इस बीच, हेल्थ वर्करों और डॉक्टरों ने जहां मंत्री के आदेश की आलोचना की। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार कोरोना वैक्सीन को अनिवार्य करने की योजना बना रही है।
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कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण अभियान की गति पंजाब में बहुत धीमी रही है। 21 फरवरी तक राज्य में कुल 122396 स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन वर्करों ने ही वैक्सीन ली थी लेकिन 22 फरवरी को यह संख्या 127304 हो गई। 23 फरवरी को यह संख्या 128679 हो गई। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने स्वास्थ्य कर्मचारियों और अगली कतार के योद्धाओं के टीकाकरण की कम दर पर चिंता जाहिर की थी और कहा था कि अब तक राज्य में 2.06 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों और 1.82 लाख अगली कतार के वर्करों ने कोविड-19 के टीकाकरण के लिए नाम दर्ज करवाया है। 

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इस तरह लगभग 79,000 (38 प्रतिशत) स्वास्थ्य कर्मचारियों और 4,000 अगली कतार के वर्करों का टीकाकरण किया जा चुका है, जो काफी कम है। यही वजह है कि रविवार को स्वास्थ्य मंत्री ने हेल्थ वर्करों को इलाज का खर्च और एकांतवास अवकाश देने तक से इनकार कर दिया था। दरअसल, कोविड वैक्सीन के प्रति हेल्थ वर्करों के रुख और सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर जारी भ्रांतियों ने पंजाब सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य कर्मी बोले- घोषित विशेष भत्ते आज तक जारी नहीं किया
इसके जवाब में स्वास्थ्य कर्मियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सरकार पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि  फ्रंटलाइन पर कोविड से लड़ने के एवज में घोषित विशेष भत्ते आज तक जारी नहीं किए गए हैं। इसके अलावा स्टाफ की कमी के कारण फ्रंटलाइन और हेल्थ वर्करों को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। इसके बारे में न तो स्वास्थ्य मंत्री स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं और न ही राज्य सरकार कोई फंड जारी कर रही है। 
 
फैसला वापस लें स्वास्थ्य मंत्री : यूनियन 
पंजाब हेल्थ वर्कर यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान में ऐतराज जताते हुए कहा कि इलाज खर्च और अवकाश न देने का फैसला, फ्रंटलाइन व हेल्थ वर्करों के उत्साह को कम करेगा और मुलाजिम जो कि अब तक अपनी जान पर खेलकर कोविड का मुकाबला कर रहे हैं, अपने बचाव पर ध्यान देने लगेंगे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत अपना फैसला वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि वैक्सीन लेने का फैसला स्वास्थ्य कर्मियों पर छोड़ देना चाहिए।

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