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पंजाबः एनआरआई ने दिया पराली की समस्या सुलझाने के लिए खास प्रस्ताव, दोहरा फायदा होगा
Fri, 08 Nov 2019 10:57 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 08 Nov 2019 10:57 AM IST
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प्रस्ताव पेश करता एनआरआई
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सरकार द्वारा राज्य में पराली की समस्या से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बीच एक अमेरिकी सिख ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। उसने राज्य में पराली के बायोगैस और बिजली बनाने संबंधी प्रोजैक्ट लगाने की पेशकश की है। राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के साथ पंजाब भवन में पहुंचे एनआरआई डा. चिरंजीव कथूरिया ने पत्रकारों को इस प्रोजैक्ट की जानकारी दी।
इस मौके पर कांगड़ ने बताया कि जब वह राज्य के ऊर्जा और नविकरणीय ऊर्जा मंत्री थे तो उन्होंने पराली के निपटारे संबंधी नई संभावनाएं तलाशने की दिशा में काम शुरू किया था। इसी के अंतर्गत न्यू जनरेशन पावर इंटनेशनल के सह-संस्थापक और चेयरमैन डॉ. चिरनजीव कथूरिया से मुलाकात हुई थी और उन्हें इस क्षेत्र में पंजाब सरकार का मार्गदर्शन करने की अपील की थी।
उन्होंने बताया कि अब डॉ. कथूरिया ने पंजाब के किसानों की समस्या और किसानी संकट संबंधी अध्ययन करने के बाद राज्य में प्रदूषण का कारण बनी पराली से ऊर्जा बनाने के क्षेत्र में निवेश करने का फ़ैसला लिया है।
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इस मौके पर कांगड़ ने बताया कि जब वह राज्य के ऊर्जा और नविकरणीय ऊर्जा मंत्री थे तो उन्होंने पराली के निपटारे संबंधी नई संभावनाएं तलाशने की दिशा में काम शुरू किया था। इसी के अंतर्गत न्यू जनरेशन पावर इंटनेशनल के सह-संस्थापक और चेयरमैन डॉ. चिरनजीव कथूरिया से मुलाकात हुई थी और उन्हें इस क्षेत्र में पंजाब सरकार का मार्गदर्शन करने की अपील की थी।
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उन्होंने बताया कि अब डॉ. कथूरिया ने पंजाब के किसानों की समस्या और किसानी संकट संबंधी अध्ययन करने के बाद राज्य में प्रदूषण का कारण बनी पराली से ऊर्जा बनाने के क्षेत्र में निवेश करने का फ़ैसला लिया है।
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25 हज़ार करोड़ रुपए के निवेश करेंगे
कांगड़ ने बताया कि कथूरिया अपनी सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर पंजाब राज्य में 25 हज़ार करोड़ रुपए के लगभग निवेश करेंगे। यह प्रोजैक्ट बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) के अंतर्गत स्थापित किये जाएंगे, जिसमें पंजाब सरकार को किसी तरह के निवेश की ज़रूर नहीं पड़ेगी।
इस मौके पर डॉ. चिरंजीव कथूरिया ने बताया कि पूरी दुनिया के किसान पराली से कमाई कर रहे हैं जबकि हमारे देश में पराली किसानों के लिए संकट का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था पंजाब राज्य में 15-20 गाँवों का एक कलस्टर बनाकर 5-20 मैगावॉट तक के बायोमास प्लांट और सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित करेगी। इनका कुल सामर्थ्य 3000 मैगावॉट सोलर पावर और 1000 मैगावॉट बायोमास प्लांट होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार से इस संबंधी बाइंडिंग एग्रीमेंट किया जायेगा जिसके अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा इन प्लांटों से बिजली खऱीदी जायेगी और जब इन प्लांटों के निर्माण पर हुए ख़र्च के बराबर रकम संस्था द्वारा बिजली की बिक्री के द्वारा जुटा ली जाएगी तो यह प्लांट पंजाब सरकार को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब राज्य में बेरोजगारी की समस्या से भी कुछ हद तक निजात पाया जा सकेगा।
इस मौके पर डॉ. चिरंजीव कथूरिया ने बताया कि पूरी दुनिया के किसान पराली से कमाई कर रहे हैं जबकि हमारे देश में पराली किसानों के लिए संकट का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था पंजाब राज्य में 15-20 गाँवों का एक कलस्टर बनाकर 5-20 मैगावॉट तक के बायोमास प्लांट और सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित करेगी। इनका कुल सामर्थ्य 3000 मैगावॉट सोलर पावर और 1000 मैगावॉट बायोमास प्लांट होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार से इस संबंधी बाइंडिंग एग्रीमेंट किया जायेगा जिसके अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा इन प्लांटों से बिजली खऱीदी जायेगी और जब इन प्लांटों के निर्माण पर हुए ख़र्च के बराबर रकम संस्था द्वारा बिजली की बिक्री के द्वारा जुटा ली जाएगी तो यह प्लांट पंजाब सरकार को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब राज्य में बेरोजगारी की समस्या से भी कुछ हद तक निजात पाया जा सकेगा।