वट्सऐप पर फोटो देख महिला को भेजे 36 हजार
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इस महिला का हौंसला देखिए, जिसे आजीविका कमाने के लिए रिक्शा चलाने से भी गुरेज नहीं है। इसकी इसी लग्न ने इसे विदेशों तक पापुलर कर दिया। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है वाशिंगटन के एक एनआरआई ने। उसने मुक्तसर निवासी एक महिला रिक्शा चालक के लिए 600 डॉलर (करीब 36 हजार रुपये) की मदद भेजी है।
यही नहीं, वह भी गुप्त दान। किसी को मदद देना और अपनी पहचान छुपाए रखना बहुत बड़ी बात है। नहीं तो आज के दौर में अखबारों में तस्वीरें छपवाने मात्र के उद्देश्य से मदद करने वाले मददगारों की भी कमी नहीं है। ऐसे गुप्तदान करने वाले मददगार एनआरआई ही सचमुच में जरूरतमंदों के मसीहा साबित हो सकते हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने महिला को सौंपा चेक
जानकारी के अनुसार स्थानीय गोनियाना रोड निवासी महिला जिंदर कौर के परिवार में कोई कमाने वाला पुरुष न होने से उसे परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रिक्शा चलाने का काम करना पड़ रहा है। एक महिला होकर रिक्शा चलाना भी किसी साहस से कम नहीं है। ऐसे में किसी ने रिक्शा चालक महिला की तस्वीर सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक और वाट्सऐप पर डाल दिए। वेबसाइट से किसी पंजाबी एनआरआई ने महिला को रिक्शा चलाकर मेहनत करते देख हमदर्दी जाग उठी।
वाशिंगटन के इस करीब 80 वर्षीय एनआरआई ने प्रशासन की मदद से जिंदर कौर के नाम 600 डॉलर मदद गुप्त दान के रूप में भेज दिए। उसे गत कुछ दिन पहले डिप्टी कमिश्नर जसकिरन सिंह ने रिक्शा चालक महिला को सौंप दिया है। महिला जिंदर कौर ने बताया कि उसे खुशी है कि आज भी विदेशों में ऐसे लोग बसे हैं जो गरीबों और जरूरतमंदों के मददगार हैं।