पत्नी को खर्चा नहीं देने वाले एनआरआई पति की जमीन नीलाम, शादी के एक महीने बाद चला गया था विदेश
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शादी के महज एक महीने बाद ही पत्नी को धोखा देकर विदेश में जाकर विदेशी महिला से शादी रचाने वाले रिटायर्ड पटवारी के एनआरआई बेटे की जमीन शुक्रवार को कोर्ट के निर्देश पर नीलाम की गई। कोर्ट ने पहली पत्नी को 10 लाख 20 हजार रुपये खर्चा देने का फैसला सुनाया था जिसके तहत एनआरआई की नौ कनाल एक मरला जमीन 10 लाख 21500 रुपये में नीलाम की गई। गांव में जमीन का कोई खरीददार नहीं मिला।
नीलामी प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार अजय कुमार, कानूनगो जयबीर, पटवारी भगवान सिंह, टीआरए राकेश्वर, लीगल ऐड अधिवक्ता पालेराम की मौजूदगी में हुई। नीलामी प्रक्रिया के दौरान खरीददार ने 25 फीसदी राशि दो लाख 55 हजार 375 रुपये नकद जमा कराए। बाकी 75 फीसदी राशि डीडी के माध्यम से दी जाएगी। दिनोद गांव के एक व्यक्ति ने नीलामी के दौरान जमीन को खरीदा।
शादी के एक माह बाद ही फुर्र हो गया था एनआरआई
गांव दिनोद निवासी नीरज रानी ने बताया कि उसकी शादी 22 नवम्बर 2011 को गांव रूपगढ़ निवासी पंकज के साथ हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही उसका पति लंदन चला गया और वहां एक विदेशी महिला से शादी कर ली। उसके बाद से आज तक वह भारत नहीं आया है। उसकी जिंदगी बर्बाद कर वह वहां आराम से रह रहा है।
उसने विदेश में बैठे ही गांव देवसर के पीएनबी बैंक में अपनी मां रेखा के साथ फर्जी तरीके से ज्वाइंट अकाउंट खुलवा लिया। इस मामले में सदर थाना भिवानी पुलिस ने आरोपी एनआरआइ पति की मां के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। मुंबई कोर्ट में चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए एनआरआइ पति पंकज यादव को घर खर्च के लिए हर माह 20 हजार रुपये खर्च देने के आदेश दिए थे।
पिछले पांच साल का कुल खर्च 10 लाख 20 हजार रुपये बना है। कोर्ट के आदेश की अवेहलना करते हुए आरोपी पति ने पहली पत्नी नीरज को न ही तो एक बार भी यह खर्च दिया और न ही वह आज तक भारत पहुंच कर कोर्ट में पेश हुआ है। मुंबई कोर्ट ने इसे मामले को सख्ती से लेते हुए एनआरआइ पति की गांव रूपगढ़ स्थित 14 कनाल 6 मरले जमीन की नीलामी कर इस खर्च का भुगतान किए जाने के आदेश दिए है।
23 अप्रैल से टल रही थी नीलामी प्रक्रिया
नीरज रानी ने बताया कि कोर्ट ने 23 अप्रैल को नीलामी की तिथि तय की थी। मगर नहीं हो सकी। उसके बाद 10 जून और 18 जून को आरोपित की जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी लेकिन नीलामी नहीं हो पाई।
18 जून को एनआरआई के पिता द्वारा भिवानी कोर्ट के स्टे ऑडर्र कॉपी दिखा कर नीलामी रुकवा दी गई थी लेकिन अब फिर से प्रशासन से अपील की और बताया कि स्टे ऑडर्र कोर्ट के इस आदेश पर लागू ही नहीं होते। इस पर प्रशासन ने कानूनी जानकारों की सलाह के बाद 19 जुलाई को जमीन नीलाम कराई गई।
कोर्ट के आदेश पर कृषि भूमि की नीलामी करने गांव में गए थे। नीलामी के समय पंकज के पिता से जमीन बारे किसी प्रकार का कोई स्टे ऑर्डर व कागजात दिखाने के लिए कहा। इसके साथ ही उसे रिकवरी के पैसे मौके पर जमा कराने पर जमीन की नीलामी नहीं करने के बारे में भी बताया गया। उन्होंने दोनों बातों से इनकार किया। जिसके बाद जमीन नीलाम की गई। कोर्ट के आदेश पर पंकज की 9 कनाल 1 मरला जमीन नीलाम की गई है।
अजय कुमार, नायब तहसीलदार