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अब बच्चों को स्कूल लाने के लिए होगा सर्वे
अमर उजाला मोहाली
Updated Sun, 15 Dec 2013 12:19 AM IST
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छह से 14 साल के बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए शिक्षा विभाग एक नई योजना के तहत जुट गया है। इसके तहत विभाग ने एक सर्वे कराने का फैसला लिया है।
टीचर घर-घर जाकर स्कूल न जाने वाले बच्चों की पड़ताल करेंगे। सर्वे का काम 16 से 26 दिसंबर तक चलेगा। सर्वे संबंधी आदेश शिक्षा विभाग की तरफ से सभी स्कूलों को जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह सारा काम शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत ही किया जा रहा है। सर्वे के लिए टीम हरेक गांव, भट्टों, रेलवे स्टेशन, तैयार हो रही नई इमारतों में जाएगी। वहां काम कर रहे मुलाजिमों के बच्चेे भी सर्वे में शामिल होंगे।
सर्वे में आने वाले केसों की सूचना जरूरी शिक्षा रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। ताकि तय समय पर रजिस्टर की वैरीफिकेशन की जा सके। वहीं विभाग ने साफ किया कि यदि इस दौरान सर्वे में कोई विद्यार्थी छूट जाए, तो स्कूल प्रिंसिपल पर इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
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स्कूल लगने या छुट्टी के बाद होगा सर्वे
शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि सर्वे का काम स्कूल लगने के पहले या दोपहर को छुट्टी होने के बाद होगा। स्कूल टाइम सभी टीचर स्कूल में मौजूद रहेंगे। बच्चों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर खराब नहीं होगी। जब स्कूलों में सर्वे पूरा हो जाएगा। तो स्कूल प्रिंसिपल डीईओ ऑफिस में अपनी रिपोर्ट फाइल करेंगे। फिर डीईओ शिक्षा विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजेगा।
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टीचर घर-घर जाकर स्कूल न जाने वाले बच्चों की पड़ताल करेंगे। सर्वे का काम 16 से 26 दिसंबर तक चलेगा। सर्वे संबंधी आदेश शिक्षा विभाग की तरफ से सभी स्कूलों को जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह सारा काम शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत ही किया जा रहा है। सर्वे के लिए टीम हरेक गांव, भट्टों, रेलवे स्टेशन, तैयार हो रही नई इमारतों में जाएगी। वहां काम कर रहे मुलाजिमों के बच्चेे भी सर्वे में शामिल होंगे।
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सर्वे में आने वाले केसों की सूचना जरूरी शिक्षा रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। ताकि तय समय पर रजिस्टर की वैरीफिकेशन की जा सके। वहीं विभाग ने साफ किया कि यदि इस दौरान सर्वे में कोई विद्यार्थी छूट जाए, तो स्कूल प्रिंसिपल पर इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
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स्कूल लगने या छुट्टी के बाद होगा सर्वे
शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि सर्वे का काम स्कूल लगने के पहले या दोपहर को छुट्टी होने के बाद होगा। स्कूल टाइम सभी टीचर स्कूल में मौजूद रहेंगे। बच्चों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर खराब नहीं होगी। जब स्कूलों में सर्वे पूरा हो जाएगा। तो स्कूल प्रिंसिपल डीईओ ऑफिस में अपनी रिपोर्ट फाइल करेंगे। फिर डीईओ शिक्षा विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजेगा।