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दिल्ली से सबक, अब हरियाणा-पंजाब व यूटी में पटाखों पर बैन की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:51 AM IST
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पटाखे
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते पटाखों की बिक्री पर रोक के बाद अब हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ में इन पर बैन की तैयारी है। दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर लिए संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से जवाब मांगा है। शुक्रवार को सभी को बताना होगा कि उन्होंने पटाखों के कितने स्थाई और कितने अस्थाई लाइसेंस जारी किए हैं। जारी किए गए लाइसेंस के आधार पर पटाखों की बिक्री पर फैसला लिया जाएगा।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पटाखों को लेकर यह संज्ञान जस्टिस अमित रावल के पत्र के चलते लिया गया है। जस्टिस रावल ने अपने पत्र में लिखा था कि दिल्ली निश्चित रूप से देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, लेकिन लुधियाना, अमृतसर और पंचकूला की हालत भी कुछ बेहतर नही हैं। पीएम 10 पर्टिकुलेट की विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित अधिकतम सुरक्षित मात्रा 20 है, जबकि पीएम 2.5 की अधिकतम 10 है। जबकि अमृतसर में 239, लुधियाना में 251 पीएम 10 पर्टिकुलेट हैं जबकि पंचकूला में 108 पीएम 2.5 पर्टिकुलेट है जो बदतर स्थिति का गवाह है।
पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया। वीरवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दिवाली के समय पटाखों के कारण हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलकर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पिछले दो दिनों में वैसे भी हवा में भारीपन सा है और ऊपर देखने पर आसमान में जो धुआं दिखाई दे रहा है वह बादल नहीं बल्कि धूूल हैं।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पटाखों को लेकर यह संज्ञान जस्टिस अमित रावल के पत्र के चलते लिया गया है। जस्टिस रावल ने अपने पत्र में लिखा था कि दिल्ली निश्चित रूप से देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है, लेकिन लुधियाना, अमृतसर और पंचकूला की हालत भी कुछ बेहतर नही हैं। पीएम 10 पर्टिकुलेट की विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित अधिकतम सुरक्षित मात्रा 20 है, जबकि पीएम 2.5 की अधिकतम 10 है। जबकि अमृतसर में 239, लुधियाना में 251 पीएम 10 पर्टिकुलेट हैं जबकि पंचकूला में 108 पीएम 2.5 पर्टिकुलेट है जो बदतर स्थिति का गवाह है।
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पत्र पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया। वीरवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि दिवाली के समय पटाखों के कारण हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलकर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। पिछले दो दिनों में वैसे भी हवा में भारीपन सा है और ऊपर देखने पर आसमान में जो धुआं दिखाई दे रहा है वह बादल नहीं बल्कि धूूल हैं।
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खतरनाक स्थिति में पहुंचा प्रदूषण, इसलिए दखल दी
court
- फोटो : File Photo
खतरनाक स्थिति में पहुंचा प्रदूषण, इसलिए दखल दी
हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से पटाखों और आतिशबाजी की बिक्री के लिए अब तक जारी एक्सप्लोसिव लाइसेंस की शुक्रवार को जानकारी देनेे के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है कुछ ऐसा ही हाल हरियाणा के कई जिलों का भी है।
दिवाली आने वाली है इसलिए अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण पर हाई कोर्ट के दखल की जरूरत है ताकि बीमारियों पर लगाम लगाई जा सके । स्कूल और गैर सरकारी संस्थाएं अपनी ओर से बच्चों और नागरिकों को इस विषय में जागरूक करने का प्रयास कर रही है बावजूद इसके इसमें कमी नहीं आ रही है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले में सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता को हाई कोर्ट को सहयोग दिए जाने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया और उनसे शुक्रवार को सुनवाई पर सुझाव मांगे।
हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से पटाखों और आतिशबाजी की बिक्री के लिए अब तक जारी एक्सप्लोसिव लाइसेंस की शुक्रवार को जानकारी देनेे के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़ और पटियाला में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है कुछ ऐसा ही हाल हरियाणा के कई जिलों का भी है।
दिवाली आने वाली है इसलिए अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण पर हाई कोर्ट के दखल की जरूरत है ताकि बीमारियों पर लगाम लगाई जा सके । स्कूल और गैर सरकारी संस्थाएं अपनी ओर से बच्चों और नागरिकों को इस विषय में जागरूक करने का प्रयास कर रही है बावजूद इसके इसमें कमी नहीं आ रही है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले में सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता को हाई कोर्ट को सहयोग दिए जाने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया और उनसे शुक्रवार को सुनवाई पर सुझाव मांगे।