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अब एक क्लिक पर देख सकेंगे शोधपत्र
पंकज आत्रेय
Updated Thu, 11 Sep 2014 12:23 AM IST
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करनाल। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) में अब तक हुई हर रिसर्च अब कहीं भी एक क्लिक पर देखी और पढ़ी जा सकेगी।
आईटी कंपनी आईबीएम सीएसएसआरआई संस्थान के शोध वर्क और अन्य सभी गतिविधियों को ऑन लाइन करने में जुटी है। यह संस्थान धीरे-धीरे कागज का प्रयोग बंद करने जा रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी पहल होगी। इस संस्थान के वैज्ञानिकों की कृषि क्षेत्र से जुड़ी रिसर्च का देश भर के किसानों को फायदा मिल रहा है। अब सारी रिसर्च ऑनलाइन होने से हर व्यक्ति शोध पत्रों को ऑनलाइन पढ़ सकता है।
पेपर वर्क कल्चर खत्म करने की कवायद
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) अपने हर संस्थान में पेपर वर्क कल्चर को खत्म करने जा रहा है। इसके पीछे पर्यावरण संरक्षण का तर्क शामिल है और कार्य क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। आईसीएआर से संबद्ध सभी संस्थानों को अब ऑनलाइन किया जाएगा। आईसीएआर में हर संस्थान की मानीटरिंग होगी, जबकि संस्थानों के निदेशक संबंधित संस्थान की मानीटरिंग करेंगे।
हाजिरी, वेतन और अन्य गतिविधियां भी होंगी ऑनलाइन
न सिर्फ रिसर्च प्रोजेक्ट, बल्कि संस्थान का प्रशासनिक तंत्र, कर्मचारियों और वैज्ञानिकों के वेतन, भत्ते, हाजिरी, छुट्टी, वित्त, उपकरण सहित सभी गतिविधियां ऑन लाइन हो जाएंगी। अब कोई भी वैज्ञानिक अगर छुट्टी पर जाना चाहता है या किसी रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम रहा है तो उसके लिए हैड आफ द डिवीजन से ऑनलाइन परमिशन हासिल करनी होगी।
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प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची जाएगी
देश भर के संस्थानों में चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब आईसीएआर द्वारा समय-समय पर मानिटर की जा सकेंगी। हर वैज्ञानिक को अपने रिपोर्ट अपडेट करनी होगी ताकि उसमें लग रहे समय का मूल्यांकन हो सके और वैज्ञानिक की संजीदगी भी पता चल सके।
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आईटी कंपनी आईबीएम सीएसएसआरआई संस्थान के शोध वर्क और अन्य सभी गतिविधियों को ऑन लाइन करने में जुटी है। यह संस्थान धीरे-धीरे कागज का प्रयोग बंद करने जा रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी पहल होगी। इस संस्थान के वैज्ञानिकों की कृषि क्षेत्र से जुड़ी रिसर्च का देश भर के किसानों को फायदा मिल रहा है। अब सारी रिसर्च ऑनलाइन होने से हर व्यक्ति शोध पत्रों को ऑनलाइन पढ़ सकता है।
पेपर वर्क कल्चर खत्म करने की कवायद
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) अपने हर संस्थान में पेपर वर्क कल्चर को खत्म करने जा रहा है। इसके पीछे पर्यावरण संरक्षण का तर्क शामिल है और कार्य क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। आईसीएआर से संबद्ध सभी संस्थानों को अब ऑनलाइन किया जाएगा। आईसीएआर में हर संस्थान की मानीटरिंग होगी, जबकि संस्थानों के निदेशक संबंधित संस्थान की मानीटरिंग करेंगे।
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हाजिरी, वेतन और अन्य गतिविधियां भी होंगी ऑनलाइन
न सिर्फ रिसर्च प्रोजेक्ट, बल्कि संस्थान का प्रशासनिक तंत्र, कर्मचारियों और वैज्ञानिकों के वेतन, भत्ते, हाजिरी, छुट्टी, वित्त, उपकरण सहित सभी गतिविधियां ऑन लाइन हो जाएंगी। अब कोई भी वैज्ञानिक अगर छुट्टी पर जाना चाहता है या किसी रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम रहा है तो उसके लिए हैड आफ द डिवीजन से ऑनलाइन परमिशन हासिल करनी होगी।
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प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची जाएगी
देश भर के संस्थानों में चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब आईसीएआर द्वारा समय-समय पर मानिटर की जा सकेंगी। हर वैज्ञानिक को अपने रिपोर्ट अपडेट करनी होगी ताकि उसमें लग रहे समय का मूल्यांकन हो सके और वैज्ञानिक की संजीदगी भी पता चल सके।