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फायरकर्मियों और इमरजेंसी स्टाफ के लिए गुड न्यूज
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Aug 2015 06:55 PM IST
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पिछले साल सेक्टर-17 में हुए भयानक अग्निकांड में शहीद तीन फायरकर्मियों के पारिवारिक सदस्यों को यूटी प्रशासन ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने को मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर शहीद परिवारों को विशेष मदद की मांग की गई थी। इसी याचिका में यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया है।
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नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर अवगत कराया है कि निगम के दमकल व इमरजेंसी स्टाफ को बीमा कवर की नीति को यूटी के प्रशासक ने मंजूरी दे दी है। नीति के मुताबिक आग बुझाते वक्त फायरकर्मी की मौत होने के मामले में कानूनी वारिसों को 20 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
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75 प्रतिशत से अधिक नकारा होने पर 10 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। यदि निगम आगजनी अथवा किसी अन्य आपातकाल सेवा के लिए बाहर से कोई कर्मचारी या अफसर को बुलाता है तो वह भी इस बीमा नीति में कवर होगा, भले ही वह निगम का कर्मचारी न हो।
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हाईकोर्ट को यह भी बताया गया है कि तीनों शहीद फायरकर्मियों अमरदीप सिंह, अमरजीत सिंह और रविंदर कुमार के पारिवारिक सदस्यों में से एक-एक को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। इन परिवारों से संपर्क कर पूछा जा चुका है कि वह किस सदस्य को नौकरी दिलाना चाहते हैं।
हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि निगम ने तीनों परिवारों को 20-20 लाख रुपये देने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इनमें से अमरजीत की पत्नी को तीन लाख पहले दिए जा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल आठ जून को सेक्टर-17 में हुई आगजनी की घटना में पूरी इमारत ढह गई थी और अमरदीप व रविंदर की उसी दिन मौत हो गई थी, जबकि अमरजीत सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
इन्हें उचित मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी कि ऐसी घटनाओं के लिए कोई ठोस नीति होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों की मदद हो सके।