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Chandigarh News: अब ओपीडी में रेंडम तरीके से होगी जेनेरिक दवाओं की जांच, डॉक्टरों की रिपोर्ट भी होगी तैयार
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चंडीगढ़। सरकारी अस्पतालों में जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए अब ओपीडी में रेंडम जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि कौन कौन से डॉक्टर मरीजों को सस्ती दवाएं लिख रहे हैं। यह भी देखा जाएगा कि कितने डॉक्टर डायरी पर ब्रांडेड दवा लिखने का कारण नोट कर रहे हैं। इसके लिए विभाग ने विशेष कार्य योजना बनाई है, जिसमें मरीज के रूप में अधिकारी और कर्मचारी अपनी पहचान गोपनीय रखकर जांच करेंगे। डॉक्टरों की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि अस्पतालों में 156 तरह की दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही हैं जबकि अस्पताल परिसर में जेनेरिक दवा की स्टोर भी संचालित किया जा रहा है। फिर भी मरीजों को महंगी दवाएं लिख रहे हैं जबकि इस पर रोग के लिए 2 फरवरी को एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इसके तहत सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में भी जेनेरिक दवाएं ज्यादा से ज्यादा लिखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि अब भी कुछ डॉक्टर लगातार ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब रेंडम जांच कर इस पर व्यापक काम किया जाएगा जिससे ब्रांडेड दवाओं की बजाय जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने में सफलता मिल सके।
इनसेट-
वेष बदलकर स्वास्थ्य सचिव कर चुके हैं पड़ताल
बता दें कि स्वास्थ्य सचिव ने पिछले दिनों वेश बदलकर जीएमएसएच-16 की व्यवस्थाओं की पड़ताल की थी, जिसमें पाया था कि इमरजेंसी में मरीज को चुनिंदा कंपनी की दवाएं लिखी जा रही हैं। परिसर स्थित दवा की दुकानों पर मरीजों को मांगने पर बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। दवाओं के बिल और डिटेल में मानकों की अनदेखी की जा रही हैं।
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वेष बदलकर स्वास्थ्य सचिव कर चुके हैं पड़ताल
बता दें कि स्वास्थ्य सचिव ने पिछले दिनों वेश बदलकर जीएमएसएच-16 की व्यवस्थाओं की पड़ताल की थी, जिसमें पाया था कि इमरजेंसी में मरीज को चुनिंदा कंपनी की दवाएं लिखी जा रही हैं। परिसर स्थित दवा की दुकानों पर मरीजों को मांगने पर बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। दवाओं के बिल और डिटेल में मानकों की अनदेखी की जा रही हैं।
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