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अब बाजार में फ्लू वैक्सीन की कमी नहीं

Wed, 13 Nov 2013 10:05 AM IST
रवि अटवाल
रवि अटवाल Updated Wed, 13 Nov 2013 10:05 AM IST
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now Flu vaccine in market

बच्चों को वायरल फीवर और इनफ्लुएंजा(फ्लू) से बचाने वाली वैक्सीन की अब बाजार में कमी नहीं रही है। पिछले महीने से यह वैक्सीन मार्केट में आ चुका है।

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इससे न सिर्फ आम जनता की समस्याएं खत्म हुई हैं, बल्कि डॉक्टरों को भी काफी राहत मिली है। ये वैक्सीन अक्तूबर से दो महीने पहले तक स्टॉक में नहीं था, जिससे शहरवासियों को काफी परेशानियां हो रही थीं।
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हाल यह था कि शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे थे।

साल में एक बार लगता है इंजेक्शन
शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, ये वैक्सीन बच्चों को साल में एक बार लगाया जाता है। जन्म के बाद 6 से 7 साल तक की उम्र तक बच्चों को ये इंजेक्शन लगते हैं।
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ये वैक्सीन बच्चों को विभिन्न प्रकार के वायरल से बचाते हैं। स्वाइन फ्लू से भी ये वैक्सीन बच्चों को बचाए रखते हैं। इसके अलावा अस्थमा से बचाव केलिए भी डॉक्टर इन्हीं वैक्सीन की सलाह देते हैं।

इस कारण हुआ आउट ऑफ स्टॉक
शहर में ये इनफ्लुएंजा वैक्सीन ज्यादातर तीन कंपनियों के बिकते हैं। इनकी मैन्यूफैक्चरिंग केवल एक साल के लिए होती है।

साल बाद कंपनियों को नए स्ट्रेन या नई किस्म की वैक्सीन तैयार करनी पड़ती है। इसकी वजह से हर साल वायरस में भी प्राकृतिक बदलाव आ जाता है।

हर साल अगस्त तक इनका स्टॉक मार्केट में आ जाता है, लेकिन इस बार इनकी मैन्यूफैक्चरिंगसमय पर नहीं हुई। जिस कारण अक्तूबर तक भी ये वैक्सीन मार्केट में नहीं आ सके।
 
650 रुपये में मिलता है इंजेक्शन
ये इनफ्लूएंजा वैक्सीन 600 से 650 रुपये तक मिलता है। इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की गाइडलाइंस के मुताबिक ये इंजेक्शन हर बच्चे को लगवाने चाहिए, लेकिन कीमत अधिक होने के कारण कुछ लोग इसे नहीं भी लगवाते।

इसके लिए सरकारी के मुकाबले निजी डॉक्टर ज्यादा सलाह देते हैं। बीते महीनों में मार्केट में स्टॉक न होने के कारण उन लोगों को काफी दिक्कतें हो रही थीं जो अपने बच्चों को नियमित तौर पर ये इंजेक्शन लगवाते हैं।


बच्चों को बचाएं वायरल से
मौसम में आए बदलाव के कारण बच्चों में वायरल, निमोनिया और अस्थमा का सबसे अधिक खतरा रहता है।

डॉ.बेदी के मुताबिक अगर बच्चा मां का दूध ले रहा है तो उसे दिन में कम मात्रा में, लेकिन बार-बार दूध पिलाएं, ताकि वे इसे आसानी से पचा सकें।

इसके अलावा बच्चे को ऐसे कमरे में रखें जहां धूप आती हो। अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसे पतली चाय या फिर सूप भी पिला सकते हैं।

बच्चों को बचाएं वायरल से

मौसम में आए बदलाव केकारण बच्चों में वायरल, निमोनिया और अस्थमा का सबसे अधिक खतरा रहता है।

डॉ.बेदी के मुताबिक अगर बच्चा मां का दूध पी रहा है तो उसे दिन में कम मात्रा दें, लेकिन बार-बार दूध पिलाएं, ताकि वे इसे आसानी से पचा सकें।

इसके अलावा बच्चे को ऐसे कमरे में रखें जहां धूप आती हो। अगर, बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसे पतली चाय या फिर सूप भी पिला सकते हैं।

50 रुपये में मिलता है ये इंजेक्शन
ये इनफ्लूएंजा वैक्सिन 600 से 650 रुपये तक मिलता है। इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की गाइडलाइंस के मुताबिक ये इंजेक्शन हर बच्चे को लगवाने चाहिए, लेकिन कीमत अधिक होने के कारण कुछ लोग इसे नहीं भी लगवाते।

इसके लिए सरकारी के मुकाबले निजी डॉक्टर ज्यादा सलाह देते हैं। बीते महीनों में मार्केट में स्टॉक न होने के कारण उन लोगों को काफी दिक्कतें हो रही थीं जो अपने बच्चों को नियमित तौर पर ये इंजेक्शन लगवाते हैं।

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