फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Now compensation will be given for dog-monkey and other animal bites, administration formed committee, sought applications

Chandigarh News: कुत्ता-बंदर व अन्य जानवरों के काटने पर अब मिलेगा मुआवजा, प्रशासन ने बनाई कमेटी, मांगे आवेदन

Wed, 03 Jul 2024 05:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2024 05:56 AM IST
विज्ञापन
Now compensation will be given for dog-monkey and other animal bites, administration formed committee, sought applications
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने मंगलवार को कुत्ता-बंदर व अन्य जानवरों के काटने पर मुआवजा देने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। डीसी की अध्यक्षता में बनी यह कमेटी कुत्तों व अन्य जानवरों के काटने के मामलों की जांच करेगी। पीड़ित को घटना के तीन महीने के अंदर डीसी ऑफिस में आवेदन करना होगा। दस्तावेज मिलने के चार महीने के भीतर कमेटी मुआवजा देने या नहीं देने पर फैसला लेगी। प्रति दांत 10 हजार रुपये और मृत्यु पर पांच लाख रुपया मुआवजा तय किया गया है।
विज्ञापन

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नवंबर 2023 में गाय, बैल, गधे, कुत्ते, नीलगाय, भैंस और अन्य जंगली जानवरों के काटने पर प्रशासन की तरफ से पीड़ित को मुआवजा देने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए कमेटी बनाने के आदेश दिए थे, लेकिन प्रशासन ने सात महीने तक कमेटी का गठन नहीं किया। इसके बाद हाल ही में अदालत ने डीसी को अवमानना का नोटिस जारी किया। तब जाकर प्रशासन ने डीसी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है।
विज्ञापन

डीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी में एसपी, संबंधित एरिया के एसडीएम, एसटीए के सचिव, जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिटेंडेंट सदस्य हैं। नगर निगम के अतिरिक्त या संयुक्त आयुक्त को कन्वीनर बनाया गया है। जरूरत के अनुसार डीसीएफ (वाइल्डलाइफ), नगर निगम के बीएंडआर के एक्सईएन, एनिमल हसबेंडरी के संयुक्त निदेशक व अन्य सदस्यों की भी मदद ली जा सकती है। जांच के बाद चार महीने के अंदर मुआवजे की राशि पीड़ित के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
1. प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि अगर कुत्ता, बंदर या अन्य जानवर के काटने पर पीड़ित की मृत्यु हो जाती है तो परिवार के सदस्य को मृत्यु प्रमाण पत्र और मृत्यु जानवर के काटने से ही हुई है, यह दर्शाने वाली एफआईआर या डीडीआर की कॉपी दिखानी होगी।
2. अगर जानवर के काटने से व्यक्ति दिव्यांग हो गया है तो उसे इस मामले में भी दुर्घटना को दर्शाने वाली एफआईआर या डीडीआर की कॉपी देनी होगी। चिकित्सा अधिकारी से मिला स्थाई विकलांगता प्रमाण पत्र भी देना होगा।

3. जानवर के काटने से चोट लगी है तो भी एफआईआर या डीडीआर की कॉपी पेश करनी होगी। चोट का प्रकार, उसकी गंभीरता और किए गए खर्च को दिखाने वाली डॉक्टर की रिपोर्ट या इलाज के दस्तावेज दिखाने होंगे।

यह होगी मुआवजे की राशि
- मृत्यु की स्थिति में: परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा
- स्थायी विकलांगता की स्थिति में: दो लाख रुपये
- चोट लगने की स्थिति में: जांच के बाद कमेटी तय करेगी।

मुआवजे में शामिल होंगे
- प्रति दांत के निशान के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये
- जहां मांस त्वचा से अलग हो गया हो तो प्रति 0.2 सेमी घाव के लिए न्यूनतम 20,000 रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed