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Chandigarh News: जीबीपी के खिलाफ अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में चलेगा केस
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चंडीगढ़। मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रोमोटर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अब प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत केस चलेगा। इस मामले में चंडीगढ़ स्थित पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने संज्ञान लिया है। दरअसल, ईडी की ओर से 21 नवंबर, 2023 को मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रोमोटर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अभियोजन की शिकायत दी गई थी। इसे पीएमएलए कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए स्वीकार कर लिया है। मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स पर पंजाब के मोहाली और जीरकपुर में करीब 1500 करोड़ की प्राॅपर्टी घोटाले का मामला दर्ज है। इसमें चंडीगढ़ और पंजाब में पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की हैं। पंजाब और चंडीगढ़ में दर्ज इन्हीं एफआईआर पर संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने खुद जांच शुरू की थी।
लोगों से करोड़ाें लेकर नए प्रोजेक्ट के नाम पर जमीनों में करते थे निवेश
ईडी पहले भी इसका खुलासा कर चुकी है कि मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रोमोटर प्राइवेट लिमिटेड मोहाली और जीरकपुर में कई रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च करते थे। लोग इन प्रोजेक्ट में निवेश करते थे, लेकिन कंपनी ने कभी भी लोगों को समय पर निवेश किए प्रोजेक्टों का कब्जा नहीं दिया बल्कि लोगों से प्रोजेक्ट में निवेश के तौर पर आए पैसों को सिस्टर कंपनियों, जाली कंपनियों, अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। फिर इन पैसाें से नई जगह जमीन लेकर अन्य कोई रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च करते थे और लोगों से धोखाधड़ी करते थे। इस घोटाला का तब पता लगा, जब लोगों ने मेसर्स गुप्ता बिल्डर के खिलाफ कब्जा न देने की शिकायतें करनी शुरू कीं और कंपनी के मालिक फरार होने लगे।
ईडी अब तक 305.51 करोड़ की संपत्ति कर चुका है अटैच
मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स मामले की जांच करते हुए ईडी अब तक 305.51 करोड़ की चल व अचल संपत्ति अटैच कर चुका है। यह सभी संपत्ति पंजाब के मोहाली और जीरकपुर में स्थित हैं। इस मामले में गुप्ता बिल्डर कंपनी के मालिकों में सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता और विनोद गुप्ता को पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे थे। ईडी की जांच में शामिल न होने पर एक अगस्त, 2023 को पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने इन सभी को भगाेड़ा घोषित कर दिया था। स्पेशल कोर्ट से भगाेड़ा घोषित किए जाने के बाद ईडी ने मेसर्स गुप्ता बिल्डर के कई बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए थे। इसके अलावा कंपनी के कई रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया था।
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लोगों से करोड़ाें लेकर नए प्रोजेक्ट के नाम पर जमीनों में करते थे निवेश
ईडी पहले भी इसका खुलासा कर चुकी है कि मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रोमोटर प्राइवेट लिमिटेड मोहाली और जीरकपुर में कई रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च करते थे। लोग इन प्रोजेक्ट में निवेश करते थे, लेकिन कंपनी ने कभी भी लोगों को समय पर निवेश किए प्रोजेक्टों का कब्जा नहीं दिया बल्कि लोगों से प्रोजेक्ट में निवेश के तौर पर आए पैसों को सिस्टर कंपनियों, जाली कंपनियों, अपने और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। फिर इन पैसाें से नई जगह जमीन लेकर अन्य कोई रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च करते थे और लोगों से धोखाधड़ी करते थे। इस घोटाला का तब पता लगा, जब लोगों ने मेसर्स गुप्ता बिल्डर के खिलाफ कब्जा न देने की शिकायतें करनी शुरू कीं और कंपनी के मालिक फरार होने लगे।
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ईडी अब तक 305.51 करोड़ की संपत्ति कर चुका है अटैच
मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स मामले की जांच करते हुए ईडी अब तक 305.51 करोड़ की चल व अचल संपत्ति अटैच कर चुका है। यह सभी संपत्ति पंजाब के मोहाली और जीरकपुर में स्थित हैं। इस मामले में गुप्ता बिल्डर कंपनी के मालिकों में सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता और विनोद गुप्ता को पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे थे। ईडी की जांच में शामिल न होने पर एक अगस्त, 2023 को पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने इन सभी को भगाेड़ा घोषित कर दिया था। स्पेशल कोर्ट से भगाेड़ा घोषित किए जाने के बाद ईडी ने मेसर्स गुप्ता बिल्डर के कई बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए थे। इसके अलावा कंपनी के कई रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया था।
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