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Chandigarh News: सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में अब होगी बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग
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चंडीगढ़।
शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई-लिखाई के साथ अब विद्यार्थियों-शिक्षकों और कर्मचारियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएसएल) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में बीएलएस प्रशिक्षण प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया है।आयोग ने 30 मई को निर्देश जारी किया है। इसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को बताया गया है कि हृदय संबंधी आघात होने पर शुरुआती 3 से 10 मिनट के दौरान बचाव संबंधी आवश्यक प्रक्रिया कर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। अगर उस बेसिक प्रक्रिया की जानकारी पीड़ित के आसपास खड़े लोगों को हो तो वह उसकी छाती पर दबाव देकर उसकी जान बचा सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से केवल 0.1% लोग ही इस तकनीक के बारे में जानते हैं। इसलिए इसकी जरूरत महसूस करते हुए सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इसके प्रशिक्षण को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
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शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई-लिखाई के साथ अब विद्यार्थियों-शिक्षकों और कर्मचारियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएसएल) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में बीएलएस प्रशिक्षण प्रदान करना अनिवार्य कर दिया गया है।आयोग ने 30 मई को निर्देश जारी किया है। इसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं को बताया गया है कि हृदय संबंधी आघात होने पर शुरुआती 3 से 10 मिनट के दौरान बचाव संबंधी आवश्यक प्रक्रिया कर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। अगर उस बेसिक प्रक्रिया की जानकारी पीड़ित के आसपास खड़े लोगों को हो तो वह उसकी छाती पर दबाव देकर उसकी जान बचा सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से केवल 0.1% लोग ही इस तकनीक के बारे में जानते हैं। इसलिए इसकी जरूरत महसूस करते हुए सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इसके प्रशिक्षण को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।