फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Now a tree fell on the road in Sector-7, two schools are nearby, a big accident averted

Chandigarh: चंडीगढ़ में फिर गिरा पेड़, पास में हैं दो स्कूल, छुट्टी होने के कारण बड़ा हादसा टला

Mon, 29 Aug 2022 02:24 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 29 Aug 2022 02:24 AM IST
सार

पेड़ करीब साढ़े 12 बजे गिरा लेकिन हॉर्टिकल्चर विभाग की टीम उसके दो घंटे बाद आई। पास में सीआरबी स्कूल है, जिसके जूनियर विंग की छुट्टी करीब साढ़े 12 बजे होती है। इसके अलावा केबीडीएवी स्कूल भी है। अगर रविवार का दिन नहीं होता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।

विज्ञापन
Now a tree fell on the road in Sector-7, two schools are nearby, a big accident averted
सड़क पर गिरा पेड़। - फोटो : CHANDIGARH

विस्तार

चंडीगढ़ में पेड़ों के गिरने का सिलसिला नहीं थम रहा। रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सेक्टर-7बी में धोबी घाट के पास एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि छुट्टी का दिन होने की वजह से सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ संपर्क सड़क के बीचोंबीच गिरा, जिसकी वजह से यातायात कई घंटे बाधित रहा। 

विज्ञापन


पास में रहने वाले वकील संदीप ने बताया कि पेड़ करीब साढ़े 12 बजे गिरा लेकिन हॉर्टिकल्चर विभाग की टीम उसके दो घंटे बाद आई। पास में सीआरबी स्कूल है, जिसके जूनियर विंग की छुट्टी करीब साढ़े 12 बजे होती है। इसके अलावा केबीडीएवी स्कूल भी है। अगर रविवार का दिन नहीं होता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। इसके अलावा पास में मार्केट है, तो उसके लिए भी लोग इसी सड़क से गुजरते हैं। छुट्टी का दिन होने की वजह से सड़क पर ज्यादा आवाजाही नहीं थी। सेक्टर-7 के विवेक ने बताया कि पेड़ देखने में काफी हरा था मगर इसकी जड़ें खोखली हो चुकी थीं। पेड़ झुक भी गया था लेकिन किसी ने इसकी ओर ध्यान तक नहीं दिया।

विज्ञापन

प्रशासन ने कराया अल्ट्रासोनिक अध्ययन, रिपोर्ट में आया- पेड़ अंदर से खोखला

आठ जुलाई को सेक्टर-9 के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 250 साल पुराना पेड़ गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। इसमें दसवीं की छात्रा हीराक्षी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट से हेरिटेज पेड़ों का अल्ट्रासोनिक अध्ययन कराया था। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में जो पेड़ गिरा था वह बाहर से भले हराभरा था लेकिन अंदर से खोखला हो चुका था। पेड़ में दीमक की भरमार थी। टीम की तरफ से ऐसे पेड़ों को बचाने के लिए सुझाव भी दिए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

घायल सहायिका शीला के बयान के बाद जांच होगी पूरी

कार्मल कान्वेंट में पेड़ गिरने का दोषी कौन है, इसकी जांच हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस जितेंद्र चौहान कर रहे हैं। जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है क्योंकि हादसे में घायल हुई स्कूल की सहायिका शीला अब तक बयान देने की हालत में नहीं है। बताया गया है कि शीला के बयान के बाद ही जांच पूरी हो पाएगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि गलती किसकी है। बता दें कि शीला पूरे हादसे के समय मौके पर मौजूद थी। बच्चों को बचाते समय उन्हें गंभीर चोट लगी थी। वह करीब एक महीने तक पीजीआई में भर्ती रहीं, जिसके बाद उन्हें छुट्टी मिली। हालांकि अभी भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed