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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 21 Sep 2017 09:17 AM IST
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पंजाब से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस द्वारा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेशों के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की गई। अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
बैंस ने अपनी अपील में हाईकोर्ट की एकल बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमे बेंच ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था। एकल बेंच के सामने याचिका दाखिल कर बैंस ने लुधियाना ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें ट्रायल कोर्ट ने बैंस सहित अन्य आठ के खिलाफ वर्ष 2009 में तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत चार्ज फ्रेम कर दिए थे।
डिवीजन बेंच के सामने हुई सुनवाई के दौरान बैंस के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि एडीजीपी क्राइम ने वर्ष 2009 में इस मामले में दूसरी एसआईटी के गठन के निर्देश दिए थे । उन आदेशों को हाई कोर्ट में पेश किया जाना बेहद जरूरी है लिहाजा अगली सुनवाई पर वो इसका रिकॉर्ड पेश करना चाहते हैं। बता दें की इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने जून माह में बैंस सहित अन्य आठ के खिलाफ आईपीसी की धारा-307 , 353 , 333 और 120 बी के तहत चार्ज फ्रे म कर दिए थे। इन्हीं आदेशों के खिलाफ बैंस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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बैंस ने अपनी अपील में हाईकोर्ट की एकल बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमे बेंच ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था। एकल बेंच के सामने याचिका दाखिल कर बैंस ने लुधियाना ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें ट्रायल कोर्ट ने बैंस सहित अन्य आठ के खिलाफ वर्ष 2009 में तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत चार्ज फ्रेम कर दिए थे।
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डिवीजन बेंच के सामने हुई सुनवाई के दौरान बैंस के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि एडीजीपी क्राइम ने वर्ष 2009 में इस मामले में दूसरी एसआईटी के गठन के निर्देश दिए थे । उन आदेशों को हाई कोर्ट में पेश किया जाना बेहद जरूरी है लिहाजा अगली सुनवाई पर वो इसका रिकॉर्ड पेश करना चाहते हैं। बता दें की इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने जून माह में बैंस सहित अन्य आठ के खिलाफ आईपीसी की धारा-307 , 353 , 333 और 120 बी के तहत चार्ज फ्रे म कर दिए थे। इन्हीं आदेशों के खिलाफ बैंस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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