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Hindi News ›   Chandigarh ›   Notice to DSP and Inspector in case of possession of Kothi

कोठी कब्जाने के मामले में डीएसपी और इंस्पेक्टर को नोटिस

Tue, 09 Mar 2021 03:31 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 03:31 AM IST
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Notice to DSP and Inspector in case of possession of Kothi
चंडीगढ़। सेक्टर-37 में राहुल मेहता की करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पत्रकार संजीव महाजन से एसआईटी की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसने दो साल पहले भी सेक्टर-46 स्थित एक कोठी पर कब्जा करने की कोशिश की थी। यहां तक की कोठी को खाली तक करवा लिया था और उसके फर्जी कागजात तैयार करवा रहा था।
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इस खुलासे के बाद अब चंडीगढ़ पुलिस ने अब सेक्टर-46 में कोठी कब्जाने की कोशिश के मामले की भी जांच शुरू कर दी है। साथ ही बनवाए जा रहे फर्जी कागजात को भी तलाशा जा रहा है। हालांकि अभी इस मामले में पुलिस अधिकारी अभी खुलकर नहीं बता रहे हैं।
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वहीं, दूसरी तरफ सोमवार को डीएसपी रामगोपाल और सेक्टर-39 थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह को पुलिस ने समन भेज दिया। डीएसपी रामगोपाल पर आरोप है कि उनके दफ्तर में ही राहुल मेहता की कोठी का सौदा हुआ था जबकि थाना प्रभारी राजदीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में सेक्टर-39 थाने में आई शिकायतों पर गौर नहीं किया। डीएसपी रामगोपाल को मंगलवार जबकि राजदीप सिंह को बुधवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
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रश्मि नेगी ने भी संजीव महाजन के खिलाफ शिकायत दी थी
सेक्टर-34 में इमीग्रेशन कंपनी चलाने वाली रश्मि नेगी ने वर्ष 2015 में संजीव महाजन के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस को धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। सूत्रों के अनुसार, मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन अधिकारियों से सांठगांठ कर मामले को रफा-दफा करवा दिया गया था। पुलिस अब फिर से केस खोलने की तैयारी में जुट गई है।
आज करेगी तीनों आरोपियों को पेश
चार दिन का रिमांड खत्म होने पर पुलिस मंगलवार को डीएसपी रामगोपाल के भाई आरोपी सतपाल डागर और मुख्य आरोपी पत्रकार संजीव महाजन और प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता को जिला अदालत में पेश करेगी। सूत्रों ने बताया कि पुलिस अब इनका रिमांड हासिल नहीं करेगी। संजीव महाजन और मनीष सात दिन से पुलिस रिमांड पर हैं जबकि मामले में अन्य पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस जगह जगह छापा मारी कर रही है।
नकली राहुल मेहता को दी गई थी लाखों की रकम
पुलिस ने नकली राहुल मेहता की भी पहचान कर ली है। बताया गया कि वह मोहाली का रहने वाला है। पुलिस का मानना है कि कोठी मालिक राहुल मेहता की असली आईडी का इस्तेमाल कर नकली राहुल मेहता के जरिए कोठी की रजिस्ट्री करवाई गई है। पुलिस को शक है किनकली बने राहुल मेहता को कोठी की रजिस्ट्री करवाने के एवज में तकरीबन पांच से सात लाख रुपये दिए गए थे। हालांकि इसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी पर ही संभव हो सकेगा। पुलिस की मानें तो पुलिस जल्द ही नकली राहुल को गिरफ्तार कर सकती है।

कोट
मामले में डीएसपी रामगोपाल और इंस्पेक्टर राजदीप सिंह को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने को कहा गया है। पूछताछ के बाद ही मामला पूरी तरह से साफ हो सकेगा।
-कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी
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