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ट्रिब्यूनल का आदेश नहीं माना, यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Mar 2017 10:09 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन नहीं करने पर यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर (सीई) मुकेश आनंद और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई) करम चंद को नोटिस जारी किया है। इनके खिलाफ सेक्टर-38 डी निवासी 67 वर्षीय चिल्मा देवी ने कोर्ट के आदेश की अवमानना पर याचिका दायर की है। ट्रिब्यूनल ने दोनों अफसरों को एक मई को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
चिल्मा देवी की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया है कि ट्रिब्यूनल ने पिछले साल चार अक्तूबर को उनके एक केस में आदेश जारी किए थे। ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी पक्ष से मामले में तीन महीने में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन तय अवधि पूरी होने के बावजूद ट्रिब्यूनल के आदेश के पालन नहीं किया गया।
इस संबंध में प्रतिवादी पक्ष को लीगल नोटिस भी भेजा गया, लेकिन न तो कोई जवाब आया और न ही कोई कार्रवाई की गई।
ये है मामला
सेक्टर-38डी निवासी चिल्मा देवी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि उनके पति यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग में जुलाई 1976 से बतौर डेली वेज कर कर रहे थे। 27 साल तक नौकरी करने के दौरान 25 जुलाई 2008 को उनकी मौत हो गई। चिल्मा देवी ने पति की मौत के बाद ट्रिब्यूनल के 13 मार्च 2015 के एक आदेश के आधार पर प्रशासन से पति की मौत पर फैमिली समेत अन्य लाभ मांगे थे। ट्रिब्यूनल ने उस आदेश में यूटी प्रशासन को 1992 से डेली वेज पर काम करने वाले कर्मियों और उनकी विधवा को पेंशन के सभी लाभ देने के आदेश दिए थे। कैट ने यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग को पिछली तारीख से पेंशन जारी करने के आदेश दिए थे। इसके लिए विभाग को 3 माह का समय दिया गया था।
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चिल्मा देवी की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया है कि ट्रिब्यूनल ने पिछले साल चार अक्तूबर को उनके एक केस में आदेश जारी किए थे। ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी पक्ष से मामले में तीन महीने में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन तय अवधि पूरी होने के बावजूद ट्रिब्यूनल के आदेश के पालन नहीं किया गया।
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इस संबंध में प्रतिवादी पक्ष को लीगल नोटिस भी भेजा गया, लेकिन न तो कोई जवाब आया और न ही कोई कार्रवाई की गई।
ये है मामला
सेक्टर-38डी निवासी चिल्मा देवी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि उनके पति यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग में जुलाई 1976 से बतौर डेली वेज कर कर रहे थे। 27 साल तक नौकरी करने के दौरान 25 जुलाई 2008 को उनकी मौत हो गई। चिल्मा देवी ने पति की मौत के बाद ट्रिब्यूनल के 13 मार्च 2015 के एक आदेश के आधार पर प्रशासन से पति की मौत पर फैमिली समेत अन्य लाभ मांगे थे। ट्रिब्यूनल ने उस आदेश में यूटी प्रशासन को 1992 से डेली वेज पर काम करने वाले कर्मियों और उनकी विधवा को पेंशन के सभी लाभ देने के आदेश दिए थे। कैट ने यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विंग को पिछली तारीख से पेंशन जारी करने के आदेश दिए थे। इसके लिए विभाग को 3 माह का समय दिया गया था।
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