जानलेवा कफ सिरप: दवा निर्माता कंपनी के गेट पर नोटिस चस्पा, आयात पर रोक लगी, 21 दिन में पेश करने होंगे दस्तावेज
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी का गेट दूसरे दिन भी बंद रहा। अंदर से कोई बाहर नहीं आया, जबकि सुबह ही जांच अधिकारी कंपनी के अंदर गए थे। उनके अलावा किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। हरियाणा के ड्रग्स कंट्रोलर अधिकारियों के साथ कंपनी में पहुंचे और कई घंटे तक दस्तावेज खंगाले।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली स्थित दवा निर्माता कंपनी मेडेन फार्मास्युटिकल पर शिकंजा कसा जाने लगा है। गुरुवार को दिनभर जांच के बाद शुक्रवार सुबह फिर से ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) व औषधि नियंत्रण विभाग की टीम कंपनी में पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही शुक्रवार को कंपनी के गेट पर मेडिसन कंट्रोल एजेंसी (एमसीए), गांबिया की तरफ से भी नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
नोटिस में कंपनी की दवाओं के आयात पर रोक लगा दी गई है। कंपनी ने जमा स्टॉक को क्वारंटीन करने का आदेश भी दिया है। नोटिस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और मेडिसिन कंट्रोल एजेंसी गाबियां के कार्यकारी निदेशक के भी हस्ताक्षर हैं। नोटिस में 21 दिन के अंदर दस्तावेज पेश करने को कहा गया है।
अफ्रीकी देश गांबिया में 66 बच्चों की मौत के बाद सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित कफ सिरप बनाने वाली मेडेन फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्रवाई हो रही है। डब्ल्यूएचओ की जांच में चार कफ सिरप प्रोमेथाजिन ओरल सल्यूशन बीपी, कोफिक्सनालिन बेबी कफ सिरप, माकॉफ बेबी कफ सिरप और माग्रिप एन कोल्ड सिरप शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा गया है कि इन दवाओं के निर्माण में प्रयुक्त साल्ट मिश्रण तय मानकों के अनुसार नहीं हुआ। इसके लिए सिरप को प्रतिबंधित करने के लिए अलर्ट जारी कर दिया था। गुरुवार को केंद्र व प्रदेश की टीमों ने कंपनी में दिनभर जांच की थी और पांच सैंपल लेकर केंद्रीय प्रयोगशाला कोलकाता में भेजे थे।
एक जांच अधिकारी ने बताया कि उन्होंने प्रयोगशाला से दो सप्ताह में प्राथमिकता के आधार पर जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है। गुरुवार रात करीब 10 बजे तक टीमें जांच करती रहीं। इसके बाद शुक्रवार को दूसरे दिन राज्य औषधि नियंत्रक मनमोहन तनेजा टीम के साथ फैक्टरी पहुंचे और जांच शुरू कर दी। टीम ने दूसरे दिन कंपनी में बनने वाली अन्य दवाओं के भी सैंपल लिए हैं। उनकी भी जांच कराई जाएगी।
शुक्रवार को फैक्टरी के गेट पर एमसीए, गांबिया की तरफ से एक नोटिस चस्पाया गया। नोटिस में कंपनी को 21 दिन के अंदर संबंधित प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज दिखाने का निर्देश दिया गया है। जांच पूरी होने तक कंपनी की किसी भी दवा का आयात नहीं हो सकेगा। क्वारंटीन किए गए पूरे स्टॉक की एमसीए की तरफ से मान्यता प्राप्त लैबोरेटरी से जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा संदिग्ध चारों कफ सिरप के साथ ही अन्य उत्पादों के आयात पर भी रोक लगाई गई है। कंपनी के आईएसओ व डब्ल्यूएचओ प्रमाणपत्र को भी चेक किया जाएगा।
जांच अधिकारियों ने खंगाले दस्तावेज
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी का गेट दूसरे दिन भी बंद रहा। अंदर से कोई बाहर नहीं आया, जबकि सुबह ही जांच अधिकारी कंपनी के अंदर गए थे। उनके अलावा किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। हरियाणा के ड्रग्स कंट्रोलर अधिकारियों के साथ कंपनी में पहुंचे और कई घंटे तक दस्तावेज खंगाले। टीमें देर शाम तक कंपनी में जांच करती रहीं। इस दौरान बाहर खड़े पत्रकारों को फोटो लेने व वीडियो बनाने पर टोका गया।
पांच सैंपल लेकर कोलकाता भेजे गए हैं। उसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। गुरुवार देर रात तक टीम डटी रही, शुक्रवार को भी सुबह से दस्तावेजों की जांच जारी है। पूरे मामले में बारीकी से जांच जारी है। कुछ अन्य दवाओं के भी सैंपल लिए गए हैं। - मनमोहन तनेजा, राज्य औषधि नियंत्रक